Tag: Metered Verses
हे गाँव, तुझे मैं छोड़ चला
हे गाँव, तुझे मैं छोड़ चला, लाचार भरे इस भादों में।
था एक दिवस जब तेरे इस आँगन में फूली अमराई
था एक दिवस जब मेरे...
तुम कविताएँ पढ़ते तो
मेरी कविताओं का चेहरा, दुल्हन की छवि जैसा होता,
जो नयन तेरे इनको पढ़ते, जीवन श्रंगार मिला होता।
होंठो से तुम जब छू लेते, ये अमरगीत...
चल मेरे साथ ही चल
चल मेरे साथ ही चल ऐ मेरी जान-ए-ग़ज़ल
इन समाजों के बनाए हुए बन्धन से निकल, चल!
हम वहाँ जाएँ जहाँ प्यार पे पहरे न लगें
दिल की दौलत...
विप्लव गायन
कवि, कुछ ऐसी तान सुनाओ जिससे उथल-पुथल मच जाये,
एक हिलोर इधर से आये, एक हिलोर उधर से आये,
प्राणों के लाले पड़ जायें, त्राहि-त्राहि स्वर नभ...
औरत ने जनम दिया मर्दों को
औरत ने जनम दिया मर्दों को, मर्दों ने उसे बाज़ार दिया
जब जी चाहा मसला कुचला, जब जी चाहा धुत्कार दिया
तुलती है कहीं दीनारों में,...
भवें तनती हैं, ख़ंजर हाथ में है, तन के बैठे हैं
भवें तनती हैं, ख़ंजर हाथ में है, तन के बैठे हैं
किसी से आज बिगड़ी है कि वो यूँ बन के बैठे हैं
दिलों पर सैकड़ों...
मन मीन
मछली, मछली, कितना पानी? ज़रा बता दो आज,
देखूँ, कितने गहरे में है मेरा जीर्ण जहाज़।
मन की मछली, डुबकी खाकर कह दो कितना जल है,
कितने...
तू पढ़ती है मेरी पुस्तक
तू पढ़ती है मेरी पुस्तक, मैं तेरा मुखड़ा पढ़ता हूँ
तू चलती है पन्ने-पन्ने, मैं लोचन-लोचन बढ़ता हूँ
मैं खुली क़लम का जादूगर, तू बन्द किताब कहानी...
मरघट
नदिया का तट जहाँ बहुत से गाँवो का पनघट है,
वहाँ बहुत गाँवो का मरघट भी नदिया का तट है
कहीं पहुँचते हैं प्यासे घट जीवन-रस...
मोर बिचारे
मोरों ने ब्रह्मा से शिकायत की कि दूसरी पक्षियों की अपेक्षा हमारी बोली सुनकर लोग हमारी हँसी उड़ाते हैं, तो ब्रह्मा ने उनको क्या जवाब दिया, पढ़िए इस कविता में..!
जिसके सम्मोहन में पागल धरती है आकाश भी है
जिसके सम्मोहन में पागल धरती है, आकाश भी है
एक पहेली-सी दुनिया ये गल्प भी है, इतिहास भी है
चिंतन के सोपान पे चढ़कर चाँद-सितारे छू...
पार समुंदर करना है तो.. (साहस गीत)
बहुत बहाने हो गए हैं अब तो निश्चय करना होगा,
पार समुंदर करना है तो पग नौका में धरना होगा।
डरना होगा नहीं तुझे अब,...








