Tag: World Literature
लियोपोल्ड स्टाफ की कविताएँ
Poems by Leopold Staff, a Polish poet
अनुवाद: आदर्श भूषण
क्या तुम?
तुम मुझे बुलबुल, गुलाबों और चाँद
की प्रशंसा करने से मना करते हो,
ये शायद लगते हों...
मुझे मत दिखाना अपनी दया
'On Aging', a poem by Maya Angelou, from 'And Still I Rise'
अनुवाद: अनुराग तिवारी
जब तुम मुझे ऐसे शांत बैठे देखोगे
जैसे अलमारी में छूटा कोई...
मैं
'I Am A Fountain, You Are my Water' - Zeynep Hatun
अनुवाद: उपमा 'ऋचा'
मैं झरना हूँ, तुम पानी हो मेरा,
मैं बहता हूँ तुम से तुम...
अंधेर नगरी
एक पर्वतारोही एक दुर्घटना के बाद एक ऐसे नगरी में पहुँच जाता है जहाँ सभी लोग अंधे हैं और आँख और दृश्य जैसी कोई चीज़ होती है, नहीं जानते। वहाँ रहने के बाद वह निश्चय करता है कि वह उन लोगों को 'दृष्टि' से अवगत कराएगा। लेकिन क्या वह ऐसा कर पाता है? पढ़िए एच. जी. वेल्स की इस उम्दा कहानी में!
अनुवाद उपमा 'ऋचा' द्वारा!
एल्विस फ़्लोरिडा बार्बर कॉलेज के पास मरा था
"दस बरस की उम्र में, मैं यह समझ नहीं पाता था कि एल्विस प्रेस्ली में ऐसा क्या था, जो हम बाक़ी लड़कों में नहीं! मेरा मतलब, उसके पास भी हम सबकी तरह एक सिर, दो हाथ और दो पैर थे। फिर उसमें ऐसा क्या छिपा था कि अनाथालय की तमाम हमउम्र लड़कियाँ उसकी उंगलियों पर नाचने को तैयार रहती थीं!"
ऐब-बीनों से
अब्दुल्ला पाशा मौजूदा दौर के विख्यात कुर्दी कवियों में से एक हैं। इनका जन्म 1946 में दक्षिणी कुर्दिस्तान में हुआ था। इन्होंने 'सोवियत संघ'...
इक़रारनामा
'The Contract' - Abdulla Pashew
अँग्रेज़ी से अनुवाद: कुशाग्र अद्वैत
अब्दुल्ला पाशा मौजूदा दौर के विख्यात कुर्दी कवियों में से एक हैं। इनका जन्म 1946 में...
एरिश फ़्रीड की कविता ‘यह जो है’
Poem: 'What It Is' - Erich Fried
अनुवाद: पुनीत कुसुम
यह बकवास है
तर्क कहता है
जो है, सो है
कहता है प्रेम
यह आपदा है
आकलन कहता है
यह दर्द के सिवा...
मैं तुम्हें तुम्हारी गन्ध से जानता हूँ
रिकार्डो अलैक्जो का जन्म 1960 में मिनास गेराइस के बेलो होरीज़ोंटे में हुआ था। रिकार्डो अपनी समाज और दृश्यपरक कविताओं के लिए विख्यात हैं...
तादेऊष रूज़ेविच की कविता ‘गवाह’
'Witness', a poem by Tadeusz Różewicz
अनुवाद: पुनीत कुसुम
मेरे दोस्त, तुम जानते हो मैं अन्दर हूँ
लेकिन यूँ अचानक मत घुस आओ
मेरे कमरे में
सम्भव है...
माया एंजेलो की कविता ‘सीख’
'The Lesson', a poem by Maya Angelou
अनुवाद: पुनीत कुसुम
मैं बार-बार मरती हूँ,
नसें सिकुड़ती हैं, खुलती हैं जैसे
सोते हुए बच्चों की
छोटी-छोटी मुट्ठियाँ,
जीर्ण क़ब्रों,
सड़े-गले हाड़-माँस,...
नेओमी शिहैब नाय की कविता ‘अप्रत्यक्ष कविता’
'Hidden Poem' - Naomi Shihab Nye
अनुवाद: पुनीत कुसुम
यदि फ़र्न के पौधे को तुम रख दो
एक पत्थर के नीचे
अगले दिन वह लगभग ग़ायब हो...










