Tag: स्वप्न / ख़्वाब

Leaf Water River

नदी, स्वप्न और तुम्हारा पता

मैं जग रहा हूँ आँखों में गाढ़ी-चिपचिपी नींद भरे कि नींद मेरे विकल्पों की सूची में खो गयी है कहीं। जिस बिस्तर पर मैं लेटा चाहे-अनचाहे मेरी उपस्थिति...
Parveen Shakir

इतना मालूम है

अपने बिस्तर पे बहुत देर से मैं नीम-दराज़ सोचती थी कि वो इस वक़्त कहाँ पर होगा मैं यहाँ हूँ मगर उस कूचा-ए-रंग-ओ-बू में रोज़ की तरह...
Two Faces, Closed Eyes, Abstract

कुल्हाड़ी

यहाँ लकड़ी कटती है लगातार थोड़ा-थोड़ा आदमी भी कटता है किसी की उम्र कट जाती है और पड़ी होती धूल में टुकड़े की तरह शोर से भरी इस गली में कहने...
Pankaj Singh

वह इच्छा है मगर इच्छा से कुछ और अलग

वह इच्छा है मगर इच्छा से कुछ और अलग इच्छा है मगर इच्छा से ज़्यादा और आपत्तिजनक मगर ख़ून में फैलती रोशनी के धागों-सी आत्मा में जड़ें...
Dream

कमाल का स्वप्न, नींद, प्रतीक्षारत

कमाल का स्वप्न जीवन के विषय में पूछे जाने पर दृढ़ता से कह सकता हूँ मैं कमाल का स्वप्न था.. जैसा देखा, हुआ नहीं जैसा हुआ, देखा नहीं! नींद कहानी सुनाकर दादी...
Langston Hughes

लैंग्स्टन ह्यूज की कविता ‘हारलम’

Poem: Harlem by Langston Hughes Translation: Arjita Mital क्या होता है जब कोई सपना अधूरा रह जाता है? क्या वह धूप में रखी किशमिश की तरह मुरझा जाता...
Shankaranand

पसीने की गन्ध

कुछ बातें देर तक गूँजती हैं बिना पहाड़ और दीवार से टकराए शोर में वे चुपके-से अपनी जगह बना लेती हैं और बच जाती हैं हमेशा के लिए बहुत से...
Fish Eyes, Boy, Girl, Abstract

स्वप्न में पूछा तुमने

'Swapn Mein Poochha Tumne', a poem by Rag Ranjan स्वप्न में पूछा तुमने क्या कहोगे मुझसे आख़िरी बार हो यही बस एक मुलाक़ात फिर ना मिलना हो यदि...
Rahul Boyal

वास्तु, स्वप्न और प्रेम

'Vastu, Swapn Aur Prem', Hindi Kavita by Rahul Boyal अपने घर का दरवाज़ा पूरब की ओर खुलता है मुझे सूरज इसी दरवाज़े पर मिलता है रोज़ जब...
Shahbaz Rizvi

ख़्वाब

'Khwab', a poem by Shahbaz Rizvi सुब्ह दम ख़्वाब के हिसार में सोया हुआ बच्चा जब अपने हाथ से तारों के चेहरे को छुपाता है जब अपनी जेब...
Girija Kumar Mathur

मेरे सपने बहुत नहीं हैं

'Mere Sapne Bahut Nahi Hain', a poem by Girija Kumar Mathur मेरे सपने बहुत नहीं हैं छोटी-सी अपनी दुनिया हो, दो उजले-उजले से कमरे जगने को, सोने को, मोती-सी...
Hand Covering Face, Sexual Abuse, Body

आँखों में मरते सपने

'Aankhon Mein Marte Sapne', a poem by Santwana Shrikant उन लाखों युवतियों के नाम लिख रही हूँ दो शब्द, जिनकी देह पर तोड़ देती है अंधी मर्दानगी अपना...

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RECENT POSTS

Corona, Covid

उसकी आँखें खुली रहनी चाहिए थीं

(कोरोना से गुज़र गई एक अपरिचित की फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल से गुज़रते हुए) 8 मई, 2021 सत्ता है मछली की आँख और दोनों कर्ता-धर्ता अर्जुन और 'ठाकुर' बने थे चूक...
Usha Priyamvada

छुट्टी का दिन

पड़ोस के फ़्लैट में छोटे बच्चे के चीख़-चीख़कर रोने से माया की नींद टूट गई। उसने अलसाई पलकें खोलकर घड़ी देखी, पौने छह बजे...
Sudha Arora

अकेली औरत का हँसना

अकेली औरत ख़ुद से ख़ुद को छिपाती है। होंठों के बीच क़ैद पड़ी हँसी को खींचकर जबरन हँसती है और हँसी बीच रास्ते ही टूट जाती है... अकेली औरत...
Shamsher Bahadur Singh

चुका भी हूँ मैं नहीं

चुका भी हूँ मैं नहीं कहाँ किया मैनें प्रेम अभी। जब करूँगा प्रेम पिघल उठेंगे युगों के भूधर उफन उठेंगे सात सागर। किन्तु मैं हूँ मौन आज कहाँ सजे मैनें साज अभी। सरल से भी...
Franz Kafka, Milena Jesenska

मिलेना को लिखे काफ़्का के पत्रों के कुछ अंश

किताब अंश: 'लेटर्स टू मिलेना' अनुवाद: लाखन सिंह प्रिय मिलेना, काश! ऐसा हो कि दुनिया कल ख़त्म हो जाए। तब मैं अगली ही ट्रेन पकड़, वियना में...
Woman in front of a door

सुबह

कितना सुन्दर है सुबह का काँच के शीशों से झाँकना इसी ललछौंहे अनछुए स्पर्श से जागती रही हूँ मैं बचपन का अभ्यास इतना सध गया है कि आँखें खुल ही जाती...
Rohit Thakur

सोलेस इन मे

कौन आएगा मई में सांत्वना देने कोई नहीं आएगा समय ने मृत्यु का स्वांग रचा है अगर कोई न आए तो बारिश तुम आना आँसुओं की तरह दो-चार बूँदों की...
Fist, Protest, Dissent

एक छोटी-सी लड़ाई

मुझे लड़नी है एक छोटी-सी लड़ाई एक झूठी लड़ाई में मैं इतना थक गया हूँ कि किसी बड़ी लड़ाई के क़ाबिल नहीं रहा। मुझे लड़ना नहीं अब— किसी...
Saadat Hasan Manto

मंटो

मंटो के मुताल्लिक़ अब तक बहुत कुछ लिखा और कहा जा चुका है। उसके हक़ में कम और ‎ख़िलाफ़ ज़्यादा। ये तहरीरें अगर पेश-ए-नज़र...
Sahir Ludhianvi

ख़ून फिर ख़ून है

ज़ुल्म फिर ज़ुल्म है, बढ़ता है तो मिट जाता है ख़ून फिर ख़ून है, टपकेगा तो जम जाएगा ख़ाक-ए-सहरा पे जमे या कफ़-ए-क़ातिल पे जमे फ़र्क़-ए-इंसाफ़ पे...
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