Tag: प्रेम

Read here the best Hindi Love Poems and Stories

Poonam Tyagi

पूनम त्यागी की कविताएँ – II

टर्म्स एण्ड कण्डीशंस एप्लाई अनुबंध में सभी कॉलम लिखे गए बड़े अक्षरों में क़रार हुआ रोटी कपड़ा और मकान की 'गारण्टी' के साथ, पर कोने में लिखा प्रेम* और उस पर टिका सितारा कहता...
Kids, Kiss, Love, Field, Play, Bromance, Friend, Brother

तुम्हारे प्रेम में

एक छोटे बच्चे को हाथ के इशारे से सुदूर एक जगह दिखायी गई जहाँ असम्भव घटित होता है जहाँ नभ चूम लेता है धरा के माथे को बच्चों को कहाँ पता कि...
Harshita Panchariya

प्रतीक्षित स्त्रियाँ

'Prateekshit Striyaan', a poem by Harshita Panchariya 'प्रतीक्षित हूँ' यह सुनने मात्र से ही हम ने बिता दी कितनी ही सदियाँ इतनी कि कदाचित धूमिल हो गईं कितनी ही सुखद...
Woman holding leaf

मैं और प्रेम

1 वो नाराज़ है मुझसे इन दिनों क्योंकि मैं समेट रही हूँ ख़ुद को उसकी चौखट से, उसके लिए। 2 वो मिलना चाहता है मुझसे पर मैंने मना कर दिया और इस...
Earth Woman

धरती से ज़रा भी अलग नहीं हो तुम

कभी धीमी फुहारों में घुलकर हल्के-हल्के बरसता है तुम्हारा प्रेम खुले बालों पर टाँक देता है ढेरों मोती गालों पर ढुलकते हुए छोड़ जाता है देर तक टिकने वाली...
Flowers in Hands, Love, Sex, Intimacy

प्रेम

'Prem', a poem by Sapna Shrivastava उम्र की दहलीज़ जब तीस-पैंतीस के पार सरकती है तो नज़रें अशेष प्रेम से भी ज़्यादा शेष दायित्व देखती हैं, आकाँक्षाओं की...
Sensual Hands, Intimate

वह प्रेम में नहीं, देह में स्थिर था

'Wah Prem Mein Nahi, Deh Mein Sthir Tha', a poem by Saraswati Mishra वह देह में खोज रहा था प्रेम ठीक उसी समय सुदूर बैठी वह प्रेम...
Man sitting seaside, Beach, Water

सरलतम

'Saraltam', a poem by Puneet Kusum मधुमक्खियों को जानते हैं हम छत्तों में शहद बनाने के लिए, क्या तुमने उन्हें कभी कोई और काम करते देखा है? चींटियों...
Dream

दो दुनिया

'Do Duniya', a poem by Niki Pushkar मेरी यह यात्रा दो दुनिया की है एक दुनिया, जो मेरे अन्तस की है जहाँ, ख़याली-आवास है मेरा वहाँ तुम्हारी नागरिकता बेशर्त मान्य...
Rupam Mishra

प्रेम की पीड़ा

'Prem Ki Peeda', a poem by Rupam Mishra एक दिन तुम्हें आख़िरी ख़त लिखूँगी, कभी अवसान हो तो उसका जबाब देना जिससे मृत्युशय्या पर मेरी पीड़ा कम...
Harshita Panchariya

सीखना चाहती हूँ

कितना कुछ सीख सकती थी मैं तुम्हारी पूर्व प्रेमिकाओं से... तुम्हारी पहली प्रेमिका 'मातृभाषा' थी तुमने उसे जब-जब पुकारा जब-जब तुम्हें मिली पीड़ा इस बात को जानते हुए कि हर...
Paash

वफ़ा

बरसों तड़पकर तुम्हारे लिए मैं भूल गया हूँ कब से, अपनी आवाज़ की पहचान भाषा जो मैंने सीखी थी, मनुष्य जैसा लगने के लिए मैं उसके सारे...
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