Read here the best Hindi Love Poems and Stories
Tag: प्रेम
प्रेमसिक्त सफ़र
'Premsikt Safar', a poem by Mukesh Kumar Sinha
याद आ रहा आज वो पहला सफ़र
जब स्कूटर के पीछे बैठकर
कर रही थी नाख़ून से कलाकारी
और थी उम्मीद...
निरर्थक प्रेम
सतरंगी सपनों की उमर में
किसी ने सफ़ेद घोड़े पर राजकुमार के ख़्वाब बुने
किसी ने बाइक पर बैठे डूड के
किसी ने दूर खड़े निहारते शख़्स को...
आमिर विद्यार्थी की कविताएँ
घर
तमाम धर्म ग्रंथों से पवित्र
ईश्वर और अल्लाह से बड़ा
दैर-ओ-हरम से उम्दा
लुप्त हो चुकी महान सभ्यताओं से आला
दुनिया का सबसे ख़ूबसूरत शब्द
मैं कहूँगा—घर!
माँ की गोद-सा...
प्रेम में सबसे समीप
'Prem Mein Sabse Sameep', a poem by Rashmi Kulshreshta
प्रेम में सबसे समीप तुम तब होते हो
जब तुम नहीं होते,
तुम्हारी कल्पनीय बातें सिहरन पैदा करती हैं
तुम्हारे अनछुए...
मैं तुमको एक ख़त लिखता हूँ
'Main Tumko Ek Khat Likhta Hoon', a poem by Pratap Somvanshi
उत्तर की उम्मीद बिना ही रोज़ सवेरे
मैं तुमको एक ख़त लिखता हूँ
ये ख़त क्या है बस...
प्रणय-व्यूह
व्यूह बहुत पहले रचा जा चुका होता है
जाने कितने दिवसों से
चतुरता और कुटिलता
मिलकर रणनीति तय करते हैं
तब एक प्रणय-षड्यंत्र तैयार किया जाता है
प्रेयस एक...
स्मृतियों की जेल से एक क़ैदी का ख़त
मेरी उदासी में, तुम ऊष्मा थी
ठिठुरती ज़िन्दगी की उम्मीद
जिस पर मैं अपना मन सेंकता था...
तुम्हारी मौजूदगी मेरे बहुत अकेलेपन को
किसी जादू की तरह,
कम अकेलेपन में...
एकतरफ़ा प्रेमिकाएँ
'Ektarfa Premikaaein', a poem by Ritu Niranjan
वे नही देतीं तिरस्कार से हाँकी हुई
सनक-भरी धमकियाँ,
न ही पकड़ती हैं उसकी कलाई
कहीं भी राह चलते में,
वे नही देतीं...
बिना शर्त प्यार नहीं होता
'Bina Shart Pyar Nahi Hota', a poem by Rag Ranjan
बिना शर्त प्यार नहीं होता
कि प्यार स्वयं एक शर्त है
और हर तरह के
प्यार में शर्तें...
उदास तुम
तुम कितनी सुन्दर लगती हो
जब तुम हो जाती हो उदास!
ज्यों किसी गुलाबी दुनिया में सूने खण्डहर के आसपास
मदभरी चाँदनी जगती हो!
मुँह पर ढँक लेती हो...
पहचान
तुम मिले
तो कई जन्म
मेरी नब्ज़ में धड़के
तो मेरी साँसों ने तुम्हारी साँसों का घूँट पिया
तब मस्तक में कई काल पलट गए
एक गुफ़ा हुआ करती थी
जहाँ मैं...
माफ़ीनामा
'Mafinama', a poem by Pallavi Vinod
मैंने पूछा था उससे
क्या देखकर किया इससे प्रेम!
उसने कहा, प्रेम कुछ देखकर कहाँ होता है
बस हो जाता है
मैं उम्र...











