Read here the best Hindi Love Poems and Stories
Tag: प्रेम
आहट
सच कहो तो अब
करनी होगी खुलकर बात कि
ठीक कौन-सा क्षण था वह
जब फूलों ने डाल दी थीं गर्दनें
और एक सिसकी
बहुत धीमे-से
फूट पड़ी थी डाल-डाल से
वैसे...
अनिष्ट शंका
चाँदनी रात, समीर के सुखद झोंके, सुरम्य उद्यान। कुँवर अमरनाथ अपनी विस्तीर्ण छत पर लेटे हुए मनोरमा से कह रहे थे— "तुम घबराओ नहीं,...
इतना मालूम है
अपने बिस्तर पे बहुत देर से मैं नीम-दराज़
सोचती थी कि वो इस वक़्त कहाँ पर होगा
मैं यहाँ हूँ मगर उस कूचा-ए-रंग-ओ-बू में
रोज़ की तरह...
साथ-साथ, जाड़े की एक शाम
साथ-साथ
हमने साथ-साथ आँखें खोलीं,
देखा बालकनी के उस पार उगते सूरज को,
टहनी पर खिले अकेले गुलाब पर
साथ-साथ ही पानी डाला,
पीली पड़ चुकी पत्तियों को आहिस्ता से किया विलग,
साथ-साथ देखी टीवी पर मिस्टर एण्ड
मिसिज़...
प्रेम का अबेकस
1
प्रेम को खोने के बाद सबसे मुश्किल है
कैलेण्डर पर वर्ष गिनना और तारीख़ों के दिन दोहराना
यह ऐसा है जैसे समय की आइसक्रीम में से
स्कूप...
मुझे मना है
बिखरा है रंग, रूप, गंध, रस मेरे आगे
मुझे मना है किंतु
गंध को अंग लगाना,
ख़ुशियों के चमकीले दामन को
आगे बढ़कर छू आना,
रस पीना, छक जाना,
लुब्ध...
याद
आज सूरज ने कुछ घबराकर रोशनी की एक खिड़की खोली
बादल की एक खिड़की बन्द की और अँधेरे की सीढ़ियाँ उतर गया
आसमान की भवों पर...
बहुत दिनों से
मैं बहुत दिनों से, बहुत दिनों से
बहुत-बहुत-सी बातें तुमसे चाह रहा था कहना
और कि साथ यों साथ-साथ
फिर बहना, बहना, बहना
मेघों की आवाज़ों से
कुहरे की...
अब सो जाओ
अब सो जाओ
और अपने हाथ को मेरे हाथ में रहने दो
तुम चाँद से माथे वाले हो
और अच्छी क़िस्मत रखते हो
बच्चे की सी भोली सूरत
अब तक...
तहज़ीबें चकित तुम्हें देखकर
मैं हैरान और निहाल हूँ तुम्हें देखकर,
जीवन में मैंने तुमसे बड़ा अचरज नहीं देखा!
तुम नदी से बातें कर सकते हो
चिड़िया के साथ गा सकते...
कविताएँ: अगस्त 2020
व्यापार और प्यार: एक गणित
यह जो
हम लेते हैं
यह जो
हम देते हैं
व्यापार है
इसमें से घटा दो अगर
लाभ-हानि का
जो विचार है
तो बाक़ी बचा
प्यार है!
फिर प्यार में
जोड़...
तू नहीं आया
चैत ने करवट ली, रंगों के मेले के लिए
फूलों ने रेशम बटोरा—तू नहीं आया
दोपहरें लम्बी हो गईं, दाखों को लाली छू गई
दराँती ने गेहूँ...











