Read here the best Hindi Love Poems and Stories
Tag: प्रेम
चीलगाड़ी
'Cheelgaadi', a poem by Vijay Rahi
आंटे-सांटे में हुई थी उसकी सगाई
दूज वर के साथ
हालाँकि ख़ूब जोड़े थे उसने माँ-बाप के हाथ।
जब ब्याह नज़दीक आया
और...
तुम एक अच्छी प्रेमिका बनना!
Poems: Ekta Nahar
मेरी सारी बेकार की बातों में
सबसे ग़ैर ज़रूरी था उसे कहना
कि बहुत याद आ रहे हो तुम
बात करने का दिल है तुमसे
रात...
चाँदनी चुपचाप सारी रात
'Chandni Chupchap Sari Raat', a poem by Agyeya
चाँदनी चुपचाप सारी रात
सूने आँगन में
जाल रचती रही।
मेरी रूपहीन अभिलाषा
अधूरेपन की मद्धिम
आँच पर तचती रही।
व्यथा मेरी अनकही
आनन्द...
दिल पीत की आग में जलता है
दिल पीत की आग में जलता है, हाँ जलता रहे, उसे जलने दो
इस आग से लोगों दूर रहो, ठण्डी न करो, पंखा न झलो
हम...
नींद न आवे जग्गण दे
रोग लगा मोहे, चड्ढण दे
नींद न आवे, जग्गण दे
माना तू ना है छलिया
दिल में रहने सज्जण दे
मोहे बदळ ना बेरी तू
जैसी हूँ ज्यूँ रहवण...
अजनबी नहीं था वो
गुनगुनाती शाम के धुँधलके में
अकेला उगता है पहाड़ों पर चाँद
तुम्हारी आँख से चुराए
काले काजल की चादर में
रोशनी लिपटकर रात हो जाती है
दिन-भर चुपचाप खड़े शाल वृक्ष
तब...
नज़्र-ए-दिल
अपने दिल को दोनों आलम से उठा सकता हूँ मैं
क्या समझती हो कि तुम को भी भुला सकता हूँ मैं
कौन तुमसे छीन सकता है...
एक शाम सिर्फ़ अँधेरे से सजाई जाये
एक शाम सिर्फ़ अँधेरे से सजाई जाये
हवाएँ दबे पाऊँ आकर
स्लाइडिंग की दराज़ों में
बैठ जाएँ
तुम्हारी पिंडिलयों पर
मेरे पैर का अंगूठा लिख रहा हो
रात का सियाह...
ख़ुद से मिलने की फ़ुरसत किसे थी
अपनी पिंदार की किर्चियाँ
चुन सकूँगी
शिकस्ता उड़ानों के टूटे हुए पर समेटूँगी
तुझको बदन की इजाज़त से रुख़्सत करूँगी
कभी अपने बारे में इतनी ख़बर ही न...
पर आँखें नहीं भरीं
कितनी बार तुम्हें देखा
पर आँखें नहीं भरीं
सीमित उर में चिर असीम
सौन्दर्य समा न सका
बीन मुग्ध बेसुथ कुरंग
मन रोके नहीं रुका
यों तो कई बार पी-पीकर
जी...
एक लड़की
ज़रा उस ख़ुद अपने ही
जज़्बों से मजबूर लड़की को देखो
जो इक शाख़-ए-गुल की तरह
अन-गिनत चाहतों के झकोलों की ज़द में
उड़ी जा रही है
ये लड़की
जो...
चाँदनी रात में
तुम जो बनती मौसम चाँदनी रात में,
ज्वार उठते हैं मुझमें चाँदनी रात में।
साँस के बहाने कलियाँ भरती हैं गंध,
जब तुम गुज़रती चाँदनी रात में।
दिल...










