Read here the best Hindi Love Poems and Stories
Tag: प्रेम
प्यार से प्रश्न
प्यार तुम, अनुभूति तुम, आयाम बन कर क्या करोगे?
तुम हृदय के भाव हो, आवाज़ बन कर क्या करोगे?
ज़िन्दगी की तुम महक, तुम जीवन की...
ओढ़नी के फूल
'Odhani Ke Phool', a poem by Amar Dalpura
साँस में साँस थी उसकी
इसी ऊर्जा से जीवन चलता रहा
वो नींद और रात को मुलायम बनाकर
बेतरतीब सपनों की...
‘तुम्हारे लिए’ – इंस्टा डायरी (चौथी किश्त)
जब वह कमरे से बाहर निकला तो कई रास्ते उसे दिख रहे थे। उसे नहीं पता, कौन-से रास्ते उसे मंज़िल तक ले जाएँगे। अगर...
नहीं मेरा आँचल मैला है
'Nahi Mera Aanchal Maila Hai', poetry by Parveen Shakir
नहीं मेरा आँचल मेला है
और तेरी दस्तार के सारे पेच अभी तक तीखे हैं
किसी हवा ने...
पेरिस्कोप
ग्रीन पार्क मेट्रो स्टेशन पर भी मोहन को लगा कि उसे उतर जाना चाहिए और वापस हो लेना चाहिए। पिछले दो स्टेशनों से जब...
प्रेम जब तक देह
प्रेम जब तक देह
तब तक स्थूल
जब सूक्ष्म तब आत्मा
और इस आत्मा के साथ अनुभूति की सांद्रता
यही वो सिरा है जहाँ से उठकर
मैं तुम तक...
तुम्हारा जाना
'Tumhara Jana', a poem by Santwana Shrikant
समाज के अपरिभाषित
तानों से लहूलुहान होकर,
जब झटक दोगे तुम हाथ मेरा,
छुअन भी-
जो वर्षों संजोयी है मैंने,
हथेली की लकीरों...
तुम्हारी पीठ का लाल तिल
चूँकि तुम ब्राह्मण समुदाय से अभिन्न नहीं हो
इसलिए सम्भव है विचारों में भी छिन्न भिन्न नहीं हो।
तुम्हारा ईश्वर में विश्वास पुष्ट है
तुम्हारी दृष्टि में भाग्य...
प्रेम में स्त्री
प्रेम में
एक स्त्री
छूटने लगती है
अपने आप से
प्रेम में
एक स्त्री
हल्की हो जाती है
पंख की तरह
इतनी हल्की
कि...
पाँव की पायल भी
उसके कानों से
नहीं टकराती
स्त्री
सीढ़ियाँ लाँघ जाती है
कुछ इस तरह
जैसे...
लौट आया प्रेम
'Laut Aaya Prem', a poem by Pallavi Mukherjee
एक लम्बे समय के बाद
वे दोनों
पास-पास थे
डूब रहे थे
एक दूसरे की आँखों में
जैसे अथाह समुद्र में
डूब रहे...
मैं
'I Am A Fountain, You Are my Water' - Zeynep Hatun
अनुवाद: उपमा 'ऋचा'
मैं झरना हूँ, तुम पानी हो मेरा,
मैं बहता हूँ तुम से तुम...
चलो घूम आएँ
यह कविता यहाँ सुनें:
https://youtu.be/Ji6Xm0Inkus
उठो, कब तक बैठी रहोगी
इस तरह अनमनी
चलो घूम आएँ।
तुम अपनी बरसाती डाल लो
मैं छाता खोल लेता हूँ
बादल—
वह तो भीतर बरस रहे...










