Tag: प्रेम

Read here the best Hindi Love Poems and Stories

Couple holding moon

प्रीत की बेला में कभी ऐसा हो

मैं लिख के चूमूँ हथेली पर तुम्हारा नाम जैसे चूमती है ओस घास की नोक और जज़्ब होती है अपने ही उद्गम में मैं भी समाहित हो जाऊँ...
Nails on Body

रिश्तों की रेत

तुमने कब चाहा रिश्तों की तह तक जाना देह तक ही सीमित रहा तुम्हारा मन देह को नापती तुम्हारी आँखों ने देखना चाहा ही नहीं मन के घुमड़ते ज्वार देह को...
Joshnaa Banerjee Adwanii

बू

'Boo', a poem by Joshnaa Banerjee Adwanii मैंने एक जगह रुक के डेरा डाला मैंने चाँद सितारों को देखा मैंने जगह बदल दी मैंने दिशाओं को जाना मैं अब...
Rain

बारिश के बाद

'Barish Ke Baad', a poem by Vijay Rahi बारिश के बाद बबूल के पेड़ के नीचे से अपनी बकरियों को हाँक वह मुझसे मिलने आई। दूर नीम के पेड़...
Girl

क़स्बाई लड़की

"कई बार उसको लगता कि जैसे ये बारिश नहीं उसी की बेचैनी है, जो बादलों की ओट लेकर धरती पर बरस रही है। सच जब चारों तरफ़ ख़ुशनुमा मौसम हो, तब बेचैन होना कितनी बेचैनी भरा होता है, ये केवल वही जान सकता है जिसका दिल दफ़अतन कहीं गिर गया हो।"
Couple, Love, Walking

प्राइवेसी

"पता नहीं कब हमें कोई भीड़ अलग कर दे और हम अख़बारों की सुर्ख़ियों में हो। अब तो बसों में भी तुम्हारा हाथ पकड़ते डर लगता है।"
Fall, Leaf, Tree, Autumn

आदि संगीत

'Aadi Sangeet', a poem by Pushpendra Pathak पता है? हवा और पेड़ शाश्वत प्रेमी हैं योगियों-से ध्यानस्थ वृक्ष बुलाएँ न बुलाएँ चूमती हैं हवाएँ उन्हें झकझोरती हैं नचाती भी उठा ले जाती हैं सूखें...
Girl, Woman, Smiling, Window

मामूली आदमी का प्यार

'Mamooli Aadmi Ka Pyar', a poem by Upma Richa मामूली आदमी का प्यार नहीं होता मामूली, बेरोज़गारी और आत्महत्या के बारे में सोचते हुए भी वो नहीं रहने देता बाँझ सपनों के खेत मामूली...
Hand, Gone, Left, Calling, Away

तुम्हारे जाने के बाद

'Tumhare Jane Ke Baad', a poem by Abhishek Ramashankar सूख जाएँगे पेड़, कबूतरों को विस्मरण हो जायेगा ज्ञान दिशाओं का, संसार के सारे जल स्रोत...
Wall, Flower, Street

प्रेम

'Prem', a poem by Upma Richa किताब की जिल्द में खोया हुआ गुलाब, किसी ख़त में सोयी हुई तितली, पसीने की सुगंध से सराबोर रुमाल, जहाँ-तहाँ लिखकर मिटाये हुए कुछ अक्षरों के...
Woman, Flute, Music

बदले में संगीत

'Badle Mein Sangeet', a poem by Abhishek Ramashankar हर रोज़ सुबह-सुबह जब शहर से कहीं दूर मुण्डेर पर दाना चुग रहे होते हैं कबूतर और किसी गाँव...
Wheat, Leaf

एक बार हुआ

'Ek Baar Hua', a poem by Nirmal Gupt एक बार बस एक ही बार किसी दिन किसी लम्हे मुझे लगा कि शायद यह प्यार है कान के नज़दीक...
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