Read here the best Hindi Love Poems and Stories
Tag: प्रेम
प्रीत की बेला में कभी ऐसा हो
मैं लिख के चूमूँ
हथेली पर तुम्हारा नाम
जैसे चूमती है ओस घास की नोक
और जज़्ब होती है अपने ही उद्गम में
मैं भी समाहित हो जाऊँ...
रिश्तों की रेत
तुमने कब चाहा
रिश्तों की तह तक जाना
देह तक ही सीमित रहा
तुम्हारा मन
देह को नापती तुम्हारी आँखों ने
देखना चाहा ही नहीं
मन के घुमड़ते ज्वार
देह को...
बू
'Boo', a poem by Joshnaa Banerjee Adwanii
मैंने एक जगह रुक के डेरा डाला
मैंने चाँद सितारों को देखा
मैंने जगह बदल दी
मैंने दिशाओं को जाना
मैं अब...
बारिश के बाद
'Barish Ke Baad', a poem by Vijay Rahi
बारिश के बाद
बबूल के पेड़ के नीचे से
अपनी बकरियों को हाँक
वह मुझसे मिलने आई।
दूर नीम के पेड़...
क़स्बाई लड़की
"कई बार उसको लगता कि जैसे ये बारिश नहीं उसी की बेचैनी है, जो बादलों की ओट लेकर धरती पर बरस रही है। सच जब चारों तरफ़ ख़ुशनुमा मौसम हो, तब बेचैन होना कितनी बेचैनी भरा होता है, ये केवल वही जान सकता है जिसका दिल दफ़अतन कहीं गिर गया हो।"
प्राइवेसी
"पता नहीं कब हमें कोई भीड़ अलग कर दे और हम अख़बारों की सुर्ख़ियों में हो। अब तो बसों में भी तुम्हारा हाथ पकड़ते डर लगता है।"
आदि संगीत
'Aadi Sangeet', a poem by Pushpendra Pathak
पता है?
हवा और पेड़
शाश्वत प्रेमी हैं
योगियों-से ध्यानस्थ वृक्ष
बुलाएँ न बुलाएँ
चूमती हैं हवाएँ उन्हें
झकझोरती हैं
नचाती भी
उठा ले जाती हैं
सूखें...
मामूली आदमी का प्यार
'Mamooli Aadmi Ka Pyar', a poem by Upma Richa
मामूली आदमी का प्यार
नहीं होता मामूली,
बेरोज़गारी और
आत्महत्या के बारे में
सोचते हुए भी
वो नहीं रहने देता
बाँझ
सपनों के खेत
मामूली...
तुम्हारे जाने के बाद
'Tumhare Jane Ke Baad', a poem by Abhishek Ramashankar
सूख जाएँगे पेड़, कबूतरों को विस्मरण हो जायेगा ज्ञान दिशाओं का, संसार के सारे जल स्रोत...
प्रेम
'Prem', a poem by Upma Richa
किताब की जिल्द में
खोया हुआ गुलाब,
किसी ख़त में सोयी हुई तितली,
पसीने की सुगंध से सराबोर रुमाल,
जहाँ-तहाँ लिखकर
मिटाये हुए कुछ अक्षरों के...
बदले में संगीत
'Badle Mein Sangeet', a poem by Abhishek Ramashankar
हर रोज़ सुबह-सुबह
जब शहर से कहीं दूर मुण्डेर पर दाना चुग रहे होते हैं कबूतर और किसी गाँव...
एक बार हुआ
'Ek Baar Hua', a poem by Nirmal Gupt
एक बार बस एक ही बार
किसी दिन किसी लम्हे मुझे लगा
कि शायद यह प्यार है
कान के नज़दीक...











