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अब यह चिड़िया कहाँ रहेगी

'Ab Yeh Chidiya Kahan Rahegi', Bal Kavita by Mahadevi Verma आँधी आयी ज़ोर-शोर से, डालें टूटी हैं झकोर से। उड़ा घोंसला अण्डे फूटे, किससे दुःख की बात कहेगी! अब यह चिड़िया...
Shrikant Verma

मन की चिड़िया

वह चिड़िया जो मेरे आँगन में चिल्लायी मेरे सब पिछले जन्मों की संगवारिनी-सी इस घर आयी; मैं उसका उपकार चुकाऊँ किन धानों से!हर गुलाब को जिसने मेरे...
Rajesh Joshi

तितलियाँ

'Titliyaan', a poem by Rajesh Joshiहरी घास पर खरगोश खरगोश की आँख में नींद नींद में स्वप्न चाँद काचाँद में क्या?चाँद में चरखा चरखे में पोनी पोनी में कतती चाँदनीचाँदनी...
Bashir Badr

प्यार पंछी, सोच पिंजरा

प्यार पंछी, सोच पिंजरा, दोनों अपने साथ हैं, एक सच्चा, एक झूठा, दोनों अपने साथ हैं। आसमाँ के साथ हमको ये जमीं भी चाहिए, भोर बिटिया, साँझ...
Bird, Window

एक जीता-जागता व्यक्ति

एक चिड़िया रास्ते में तारकोल की कीचड़ में फँसी हुई है और छूटने का भरसक प्रयास कर रही है.. क्या आप उसे उस कीचड़ में से छुड़ाएँगे या उसके खुद छूट जाने की प्रतीक्षा करेंगे?
Bird, Human

चिड़िया और आदमी

1चिड़ियों को मारा गया इसलिए कि उनके पंखों के पास था विस्तृत आसमान नीचे घूमती हुई पृथ्वी और वे इन सबको लाँघ जाना चाहती थींआदमियों को मारा गया इसलिए कि वे चिड़ियों...
ishwar nahi neend chahiye_featured-image

लिखने से क्या होगा

मुझे लगता था कि चिड़ियों के बारे में पढ़कर क्या होगा उन्हें बनाए रखने के लिए मारना बन्द कर देना चाहिए कारख़ानों में चिमनियाँ पटाखों में बारूद बन्दूक़ में नली या कम से कम इंसान के...
Blue Bird

एक चिड़िया उसके भीतर

'Ek Chidiya Uske Bheetar', a poem by Puran Mudgalकैसे रहे होंगे वे हाथ जिन्होंने चिड़िया का चित्र बनायाबहुत बार उड़े होंगे आकाश की ऊंचाइयों में कितनी बार सुनी...
Muktibodh

पक्षी और दीमक

"मैं उसकी आँखों से गिरना नहीं चाहता, उसकी नजर में और-और चढ़ना चाहता हूँ। प्रेमी जो हूँ, अपने व्‍यक्तित्‍व का सुंदरतम चित्र उपस्थित करने की लालसा भी तो रहती है।""इस धुँधले अँधेरे कमरे में वह मुझे सुंदर दिखाई दे रही है। दीवार पर गिरा हुआ प्रकाश, नीली चूड़ियोंवाले हाथों में थमे हुए उपन्यास के पन्नों पर, ध्यानमग्न कपोलों पर और आसमानी आँचल पर फैला हुआ है। यद्यपि इस समय हम दोनों अलग-अलग दुनिया में (वह उपन्यास के जगत में और मैं अपने खयालों के रास्तों पर) घूम रहे हैं, फिर भी इस अकेले धुँधुले कमरे में गहन साहचर्य के संबंध-सूत्र तड़प रहे हैं और महसूस किए जा रहे हैं।"
Khwaja Hasan Nizami

मिस चिड़िया की कहानी

एक चिड़िया से उसका एक अंडा टूट जाने पर चिड़ा गुस्सा होकर चिड़िया को सुनाने लगता है.. लेकिन चिड़िया उस चिड़े को ऐसा जवाब देती है कि चिड़ा अवाक! और जब बचे हुए अंडे से मिस छोटी चिड़िया जन्म लेती हैं तो उसकी बातें सुनकर चिड़ा और चिड़िया दोनों अवाक! इस अवाक होने का कारण पढ़िए इस बेहतरीन हास्य-व्यंग्य में!
Hariaudh

जागो प्यारे

उठो लाल अब आँखें खोलो, पानी लायी हूँ, मुँह धो लो बीती रात कमल दल फूले, उनके ऊपर भँवरे डोले चिड़िया चहक उठी पेड़ पर, बहने लगी हवा अति सुन्दर नभ में...

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