Tag: Death
मौत
'Maut', a poem by Shahbaz Rizvi
कितनी उम्र लगती है
मौत तक पहुँचने में
कोशिशें तो करता हूँ
मौत तक पहुँचने की
ज़ीने से उतरते वक़्त
आँख बन्द रखता हूँ
शायद...
मौत क्यों नहीं आती
'Maut Kyon Nahi Aati', a poem by Shahbaz Rizvi
अधमरी आँखों का ख़्वाब कैसा होता है?
रोशनी की झुरमुट में आँख क्यों नहीं खुलती?
ज़िन्दगी की चाहत...
मृत्यु से भय
'Mrityu Se Bhay', Hindi Kavita by Rahul Boyal
मुझे मृत्यु से भय नहीं है
मृत्यु के तरीक़े से ज़रूर है!
जन्म के तरीक़ों को
गिना जा सकता है उँगलियों पर
मगर
अनगिनत...
मौत से ठन गई
'Maut Se Than Gayi', a poem by Atal Bihari Vajpayee
ठन गई!
मौत से ठन गई!
जूझने का मेरा इरादा न था,
मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न...
जीवन में उत्सव
मौत हमेशा से मुझे बेहद रोचक जान पड़ी है। बचपन में जब पहली बार अपने एक फूफाजी की मौत की ख़बर सुनी तो चुप...
डॉक्टर ने समुचित इलाज से मना किया जिससे युवा स्त्री की मौत हो गई
यह घटना भी आँखें खोलने वाली है। यह घटना काठियावाड़ में एक गाँव की अछूत स्कूल में पढ़ाने वाली शिक्षिका की है। मिस्टर गांधी...
प्रेम में मृत्यु का चुनाव
तुम्हारे शहर की धरा पर
जब पहला क़दम रखूँगा मैं
तो सबसे पहले वहाँ की
हवा से मिलूँगा मैं,
नील नहीं उठा पाया था
चाँद पर ऐसा लुत्फ़
न शर्मा जी ले...
मौत की तलाशी मत लो
बादलों में ही मेरी तो बारिश मर गई
अभी-अभी बहुत ख़ुश-लिबास था वो
मेरी ख़ता कर बैठा
कोई जाए तो चली जाऊँ
कोई आए तो रुख़्सत हो जाऊँ
मेरे...
मृत्यु प्रेम
प्रेम पीड़ा है
या पीड़ा प्रेम है?
पीड़ा का अभिप्राय विछोह या प्रतीक्षा?
अचिर विछोह या चिर प्रतीक्षा
क्या प्रतीक्षा प्रेम है?
प्रतीक्षा उस आभासी रेखा पर मिलन की...
दो...
मौत के फ़रिश्ते हड़ताल पर हैं
काम भारी है और पगार में कोई इज़ाफा
सदियों से हुआ नहीं।
नाईट ड्यूटी का अलग मुआवज़ा
पहली डिमांड है।
सुपरवाइज़र, परेशान, दुआ गो है
'मालिक फ़रिश्तों की नई...
मुर्दा भी शोर करता है
मुर्दा भी शोर करता है
ऐसा शोर जिसमें
कान बहरे और ज़बान गूँगी हो जाती है
एक तीव्र सी पीड़ा धरा को छोड़
स्वर्ग तक पहुँचती है
और रिक्त हो जाता...
परिन्दे
"कभी-कभी मैं सोचता हूँ मिस लतिका, किसी चीज को न जानना यदि गलत है, तो जान-बूझकर न भूल पाना, हमेशा जोंक की तरह उससे चिपटे रहना, यह भी गलत है।"









