Tag: प्रेम

Read here the best Hindi Love Poems and Stories

Supriya Mishra

मैं दोषी हूँ

'Main Doshi Hoon', a poem by Supriya Mishra हाथ में लिए अख़बार को दूर छोड़ समंदर के किनारे बैठ अपनी उँगलियों के पोरों से जब बम्बई की भीगी रेत...
Heart, Sun, Leaf

पोटली भर राहत

'Potli Bhar Rahat', a poem by Ruchi तुम्हारा प्रेम मेरे तकिये-सा रहा जिसके न मैंने कभी ख़्वाब देखे न हमेशा याद किया, बस याद आयी तो अपने गाढ़े...
Sarveshwar Dayal Saxena

देह का संगीत

मूझे चूमो और फूल बना दो, मुझे चूमो और फल बना दो, मुझे चूमो और बीज बना दो, मुझे चूमो और वृक्ष बना दो, फिर मेरी छाँह में बैठ रोम-रोम जुड़ाओ। मुझे चूमो हिमगिरि...
Man, Woman, In Love, Doubt, Couple

एक खिड़की की दरकार है

'Ek Khidki Ki Darkaar Hai', a poem by Nidhi Agarwal प्रेम में कोई संशय नहीं होता जहाँ हो संशय वहाँ प्रेम नहीं होता। यूँ हृदय में कब होती...
Kedarnath Singh

आना

'Aana', a poem by Kedarnath Singh आना जब समय मिले, जब समय न मिले तब भी आना आना जैसे हाथों में आता है जांगर, जैसे धमनियों में आता है रक्त, जैसे चूल्हों में धीरे-धीरे आती...
Paritosh Kumar Piyush

उम्मीद

'Ummeed', a poem by Paritosh Kumar Piyush (एक) तुम्हारी यादों को ओढ़ता हूँ तुम्हारी यादों को बिछाता हूँ अपने लिहाफ़ में छोड़ रखता हूँ तुम्हारे हिस्से की पूरी जगह तुम्हारी चुप्पी...
Couple, Sunset

ज़रूरी है प्रेम करते रहना

'Zaroori Hai Prem Karte Rehna', poem by Mahima Shree 1 जब कभी हम मिलें मुझे हर वो दरख़्त, चिड़िया, तितली औ उन सारे जंगली फूलों के नाम बताना जो...
Pallavi Vinod

तेरे लिए मैं जहाँ से टकराऊँगा

'Tere Liye Main Jahan Se Takraaunga', a poem by Pallavi Vinod 'तेरे लिए मैं जहाँ से टकराऊँगा' एक इस बात को सुनकर जाने कितनी लड़कियाँ कर लेती...
Harshita Panchariya

प्रेम की भाषा

आँखों की अभिव्यक्ति संसार की श्रेष्ठतम अभिव्यक्ति है, आलिंगन संसार की सर्वोत्तम चिकित्सा पद्धति है, स्पर्श से बेहतरीन कोई अनुवाद नहीं, चुम्बन से उच्चतर कोई अनुभूति नहीं। प्रेम की अभिव्यक्ति दो आत्माओं के...
Middle Age Love, Couple walking holding hands on railway tracks

हमारे बीच

'Humare Beech', a poem by Nirmal Gupt हमारे तुम्हारे बीच जब कोई सहमति नहीं थी तब हमारे दरम्यान बहती थी गीली हवा देह को बड़ी एहतियात से छूती हम निशब्दता...
Poonam Tyagi

पूनम त्यागी की कविताएँ

Poems: Poonam Tyagi संवेदना का व्यापार ऊँचे ओहदे पर क़ाबिज़ स्त्री, पुरुष के अहम् को सहलाती स्त्री, गहने-कपड़ों में फीकी मुस्कान लिए स्त्री समान ओहदे में साथ-साथ चलती स्त्री, आत्मनिर्भरता की धज्जियाँ उड़ाते पुरुष, झूठी मुस्कान...
Amrita Pritam

नाग पंचमी

मेरा बदन एक पुराना पेड़ है और तेरा इश्क़ नागवंशी, युगों से मेरे पेड़ की एक खोह में रहता है। नागों का बसेरा ही पेड़ों का सच है नहीं...
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