Tag: प्रेम

Read here the best Hindi Love Poems and Stories

Manjula Bist

अगर वह प्रेम था

अगर, प्रेम के अभिलाषी न होकर कालांश को भी प्रेमिल हुए थे तब उस क्षण.. ईश्वर तुम्हें स्पर्श कर रहा था। अगर, प्रेम आकर गुज़र भी गया तुम्हें भान तक...
Kids, Kiss, Love, Field, Play, Bromance, Friend, Brother

जब आप प्रेम में होते हैं

'Jab Aap Prem Mein Hote Hain', a poem by Ankit Kumar Bhagat सूरज भी करता है प्रेम अपनी किरणों से, यद्यपि वह गोला है 'आग' का। जबकि वो...

प्रेम

मुझे याद नहीं पहली बार मैंने प्रेम शब्द कब सुना, कब पढ़ा या कब लिखा। बचपन में मैं जिन अंकल के यहाँ दूध लेने...
Fingers, Hands, Love, Couple

प्रेम में

प्रेम में चढ़ना नहीं होता पहाड़ न ही होता है किसी खाई में कूदना यह कोई प्रतियोगिता नहीं है जिसमें अव्वल आने की ज़िद हो प्रेम में सबसे बेहतर का...
Akhileshwar Pandey

अभिसार

'Abhisaar', a poem by Akhileshwar Pandey काजल की पतली रेखा घटाटोप बारिश चाहती है उसकी पनीली आँखों में तैर रहे सुनहरे सपने मैं बूँद-बूँद पी रहा हूँ उसके होंठों...
Pallavi Vinod

भ्रमित रहना चाहती हूँ

'Bhramit Rehna Chahti Hoon', a poem by Pallavi Vinod कोई ख़ुद पर मोहित कैसे हो सकता है? क्यों नहीं! प्रकृति भी तो ख़ुद पर मोहित है, अपने...
Labour Girl, Woman

प्रेम

वो नहीं जानती किसी गुलज़ार या अमृता को, ना ही सुने-पढ़ें हैं उसने ग़ालिब या मीर के शेर, नहीं जानती वो बयाँ करना मुहब्बत को अल्फ़ाज़ में वो बस चाहती...
Couple holding moon

प्रेम अपनी जगह रहेगा

1 सवाल प्रेम है या नहीं ये कभी था ही नहीं, फूल कभी पूछकर खिलते हैं क्या? बस प्रेम को बरतना नहीं आया दो स्वंतत्रचेता प्रेमी प्रेम को अपने अनुकूल...
Akhileshwar Pandey

ऐसी जगह

तुम्हारे छतनार जूड़े में टाँकना चाहता हूँ टहकार पलास का ऐसा फूल जो मुरझाये नहीं कभी हमारे प्यार की तरह महुए सी मादक तुम्हारी आँखों में लगाना चाहता हूँ रात का काजल मैं...
Sitting Crossed Legs, Book

उदास शहर की बातें

ख़्वाब ज़्यादा हों तो नींद कम होने लगती है और ख़्वाबों के बोझ का दबाव आँख के नीचे गहरा रंग छोड़ता जाता है। आईना...
Sad Woman, Robotic eyes

हार-जीत से परे

तुम्हें दुःख पहुँचाया तो होगी वह मेरी ही हार कहा था तुमने किन्हीं आकुल पलों में, और झट से अपने दुःखों का हलाहल पी गई मैं तुम सदा गौरवान्वित रहें अपनी जीत के...
Gaurav Bharti

वृत्त, प्रतीक्षा, अल्पविराम

Poems: Gaurav Bharti वृत्त बहुत आसान है ढलती हुई इस उम्र में भी बच्चा हो जाना सौंपकर ख़ुद को तुम्हारी बाँहों के वृत्त में मैं बच्चा हो जाता हूँ... प्रतीक्षा तुमसे मिलकर जब हुई घण्टों लफ़्ज़ों की...
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