एक था राजा
व्यंग्य: 'एक था राजा' - सुशील सिद्धार्थ
यह एक सरल, निष्कपट, पारदर्शी और दयालु समय की कहानी है। एक दिन किसी देश का राजा चिंता...
एक प्रस्तवित स्कूल की नियमावली
(लगभग सवा सौ साल पहले की बात है। इस लेखक ने देखा 'एक अद्भुत अपूर्व स्वप्न'। स्वप्न में उसने बिचारा कि देह लीला समाप्त...
परसाई के हनुमान: प्रथम साम्यवादी या प्रथम स्मगलर?
"लक्ष्मण मेघनाद की शक्ति से घायल पड़े थे। हनुमान उनकी प्राण-रक्षा के लिए हिमाचल प्रदेश से 'संजीवनी' नाम की दवा लेकर लौट रहे थे कि अयोध्या के नाके पर पकड़ लिए गए। पकड़ने वाले नाकेदार को पीटकर हनुमान ने लिटा दिया। राजधानी में हल्ला हो गया कि बड़ा बलशाली 'स्मगलर' आया हुआ है। पूरा फोर्स भी उसका मुकाबला नहीं कर पा रहा।"








