पंखुरी सिन्हा की किताब ‘प्रत्यंचा’

'कविता एक निर्णय है' किताब समीक्षा: पूनम सिन्हा किताब: 'प्रत्यंचा' (कविता संग्रह) कवयित्री: पंखुरी सिन्हा प्रकाशन: बोधि प्रकाशन "कविता न होगी साहस न होगा एक और ही युग होगा जिसमें...

प्रभात की किताब ‘जीवन के दिन’ पर एक टिप्पणी

कविता संग्रह: 'जीवन के दिन' - प्रभात टिप्पणी: अमर दलपुरा मनुष्य के पास न कोई दिशासूचक यन्त्र था अपने जीवन के प्रारम्भ में, न भूगोलवेत्ता था, न...

‘मैं बनूँगा गुलमोहर’ – सुशोभित सक्तावत

कविता संग्रह: 'मैं बनूँगा गुलमोहर' (प्रेम कविताएँ व गद्य गीत) कवि: सुशोभित सक्तावत प्रकाशन: लोकोदय प्रकाशन लाल रंग प्रेम का रंग है। इसलिए लाल रंग उत्सव का भी...

‘मैंने अपनी माँ को जन्म दिया है’ को पढ़ते हुए

कविता संग्रह: 'मैंने अपनी माँ को जन्म दिया है' - रश्मि भारद्वाज प्रकाशन: सेतु प्रकाशन (setuprakashan.com) कविताएँ पढ़ते वक़्त सोचा एक पाठक के तौर पर मैं...

‘कैवल्य’ – आत्मावलोकन की कविताएँ

आत्मावलोकन और प्रेम आखरों का संग्रह है - कैवल्य किताब - कैवल्य (कविता संग्रह) रचनाकार - अंजना टंडन 'कैवल्य' अंजना टंडन का पहला कविता संग्रह है जो...

‘देस’ – विनोद पदरज

सबसे पहले मेरे कहने के साहस को आलोचक दृष्टि से न देखकर बल्कि पाठकीय दृष्टिकोण से देखने का अनुरोध है। हमारा सारा इतिहास स्मृतियों...

मंटो और ग़ालिब की दोज़ख

जिस किताब की बात आज मैं करने जा रहा हूँ उसे रबिशंकर बल ने मूल रूप से बंगला में लिखा है और इसका अनुवाद...

निषिद्ध – एक प्रहार लैंगिक विषमता के विरुद्ध

निषिद्ध — एक आवाज़ …लैंगिक विषमता के विरुद्ध जैसा कि सर्वविदित है तसलीमा नसरीन ने हमेशा ही समाज में औरतों को समानता का अधिकार दिलाने,...

सियाह औ सुफ़ैद से कहीं अधिक है यह ‘सियाहत’

किताब समीक्षा: डॉ. श्रीश पाठक - आलोक रंजन की किताब 'सियाहत' आज की दुनिया, आज का समाज उतने में ही उठक-बैठक कर रहा जितनी मोहलत उसे...

‘गगन दमामा बाज्यो’ और इंकलाब शुरू!

किताब: 'गगन दमामा बाज्यो' लेखक: पीयूष मिश्रा प्रकाशक: राजकमल प्रकाशन समूह मूल्य: ₹125 मात्र *** भगत सिंह - कैसी छवि बनती है यह नाम सुनकर ? टोपी पहने हुए...

यशपाल का ‘झूठा सच’

भारतीय स्वाधीनता संग्राम के एक क्रांतिकारी होने से लेकर हिन्दी लेखक बनने तक का सफर तय करने वाले यशपाल का उपन्यास 'झूठा सच' भारत...

गवाचीयाँ गल्लां – अनवर अली

"हिंदू मुसलामानों की तमाम बातें सुनाते हुए अनवर ख़ुद कहीं भी मज़हबी या कट्टर नहीं नज़र आते। अपनी जवानी की हिमाक़तें, बचपन की बेवकूफ़ियाँ आप क़ुबूल करते चलते हैं। इसलिए किताब किसी मक़ाम पर भी किसी एक ज़ात के ख़िलाफ़ या किसी एक के हक़ में खड़ी होती ही नहीं है, बल्कि इस तरह की हर अपरिपक्वता की खिल्ली उड़ाती अपनी राह चलती जाती है।"

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तुम्हारी जात-पाँत की क्षय

हमारे देश को जिन बातों पर अभिमान है, उनमें जात-पाँत भी एक है। दूसरे मुल्कों में जात-पाँत का भेद समझा जाता है भाषा के...
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उसका होना

उसके नाम की प्रतिध्वनि किसी स्पन्दन की तरह मन की घाटी में गहरी छुपी रही और मैं एक दारुण हिज्र जीती रही वेदना, व्याकुलता के मनोवेगों में त्वरित बिजुरी की...
Do Log - Gulzar

गुलज़ार के उपन्यास ‘दो लोग’ से किताब अंश

गुलज़ार का उपन्यास 'दो लोग' विभाजन की त्रासदी के बारे में है—त्रासदी भी ऐसी कि इधर आज़ादी की बेला आने को है, और उधर...
Neelabh

जहाँ मैं साँस ले रहा हूँ अभी

जहाँ मैं साँस ले रहा हूँ अभी वहाँ से बहुत कुछ ओझल है ओझल है हत्यारों की माँद ओझल है संसद के नीचे जमा होते किसानों के ख़ून...
Kaynaat

कायनात की कविताएँ

1 इश्क़, तुम मेरी ज़िन्दगी में आओ तो यूँ आओ कि जैसे किसी पिछड़े हुए गाँव में कोई लड़की घण्टों रसोई में खपने के बाद पसीने से भीगी बाहर...
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स्पेनिश कवि उबेरतो स्तबिल की कविताएँ

उबेरतो स्तबिल, स्पेनिश कवि और चर्चित अंतर्राष्ट्रीय स्पेनिश पत्रिका के सम्पादक हैं, उनकी कई किताबें प्रकाशित और अनूदित हो चुकी हैं। अनुवाद: पंखुरी सिन्हा एक पाठक...
Pooja Shah

पूजा शाह की कविताएँ

पाज़ेब पाज़ेब पाँवों में नहीं स्तनों पर पहनने से सार्थक होंगी जब औरतें क़दम रखती हैं पकौड़ियों की थाली लिए आदमियों से भरे कमरे में उनकी गपशप के बीच या जब...
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कविता मेरी

आलम्बन, आधार यही है, यही सहारा है कविता मेरी जीवन शैली, जीवन धारा है। यही ओढ़ता, यही बिछाता यही पहनता हूँ सबका है वह दर्द जिसे मैं अपना कहता...
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सुबह से माँ के घुटनों का दर्द तेज़ था। पिछली रात देसी बाम, गरम पानी और तेल का कोई ख़ास असर नहीं हुआ। इधर...
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लुचिल्ला त्रपैज़ो की कविताएँ

लुचिल्ला त्रपैज़ो स्विस इतालवी कवयित्री हैं। उनके चार कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं और उनकी रचनाएँ कई भाषाओं में अनूदित भी हो चुकी...
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