सफाई पसंद

गाड़ी रुकी हुई थी। तीन बंदूकची एक डिब्बे के पास आए। खिड़कियों में से अंदर झाँककर उन्होंने मुसाफिरों से पूछा- "क्यों जनाब, कोई मुर्गा है?" एक...

हैवानियत

अपनी जान बचाने के लिए, अपने परिवार के किसी सदस्य की जान जोखिम में डालने की विवशता इस संसार के सबसे बड़े दुखों में से एक होगा.. और यह दुःख विभाजन ने जाने कितने लोगों को दिखाया...

बँटवारा

बँटवारे के दौरान केवल देश का नहीं, लोगों और उनके सामान का भी जमकर बँटवारा हुआ.. इस कहानी में भी लूट का एक संदूक बँटवारे का कारण बना! बँटवारा किसका? यह पढ़िए कहानी में!

‘सॉरी’ व ‘रियायत’

सॉरी छुरी पेट चाक करती हुई नाफ के नीचे तक चली गई। इजारबंद कट गया। छुरी मारने वाले के मुँह से पश्चात्ताप के साथ निकला- "च् च्...

दिल बहलाव – ii

एक शख्‍स ने एक बड़े आदमी को उर्दू में दरखास्‍त लिखी- "खुदा हुजूर की उम्र दराज करे, हुजूर की नजर गुरबा परवरी पर ज्‍यादा...

घाटे का सौदा

'घाटे का सौदा' - सआदत हसन मंटो दो दोस्तों ने मिलकर दस-बीस लड़कियों में से एक लड़की चुनी और बयालीस रुपए देकर उसे खरीद लिया। रात...

पेट की खातिर

उन दोनों के चेहरों पर उदासी थी। आपस में दोनों बहुत ही धीमी आवाज में बात कर रहे थे, पर क्या बात कर रहे...

औरत और मर्द

अनुवाद: बलराम अग्रवाल एक बार मैंने एक औरत का चेहरा देखा। उसमें मुझे उसकी समस्त अजन्मी सन्तानें दिखाई दीं। और एक औरत ने मेरे चेहरे को...

लड्डू और आत्मबोध

'लड्डू और आत्मबोध' - शोभिता श्रीवास्तव 'दिव्या' पूरा एक घंटा हुआ वो लड्डू का टुकड़ा जो मेरे में मुँह में गया था मुँह में ही...

दिल बहलाव

एक स्कूल मास्टर हाथ में बेंत लिए हुए लड़कों को पढ़ा रहे थे.. बेंत सीधा कर बोले- "हमारे बेंत के कोने के रूबरू एक गधा बैठा है।" सोचिए उस बेंत के कोने के रूबरू बैठे लड़के का क्या जवाब रहा होगा? ;)

चंदे का डर

एक छोटी-सी समिति की बैठक बुलाने की योजना चल रही थी। एक सज्‍जन थे जो समिति के सदस्‍य थे, पर काम कुछ नहीं, गड़बड़...
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