इस वक़्त तो यूँ लगता है
इस वक़्त तो यूँ लगता है, अब कुछ भी नहीं है
महताब न सूरज, न अँधेरा न सवेरा
आँखों के दरीचों पे किसी हुस्न की चिलमन
और...
ये बातें झूठी बातें हैं
ये बातें झूठी बातें हैं, ये लोगों ने फैलायी हैं
तुम इंशा जी का नाम न लो क्या इंशा जी सौदाई हैं
हैं लाखों रोग ज़माने में,...
तुम मुझे ढूँढते रहे
तुम मुझे ढूँढते रहे
और मैं तुम्हें
इस छुपन-छुपाई में
हम ये ही भूल गए
हम किसे ढूँढ रहे थे
एक बार हम रास्ते में मिले थे
लेकिन तुमने मुझे...
अपनी तस्वीर मुझे आप बनानी होगी
मेरे फ़नकार
मुझे ख़ूब तराशा तूने
आँख नीलम की
बदन चाँदी का
याक़ूत के लब,
ये तेरे
ज़ौक़-ए-तलब के भी हैं
मेआर अजब
पावँ में मेरे
ये पाज़ेब
सजा दी तूने,
नुक़रई तार में आवाज़...
मैं इक फेरीवाला
मैं इक फेरीवाला
बेचूँ यादें
सस्ती-महँगी, सच्ची-झूठी, उजली-मैली, रंग-बिरंगी यादें
होंठ के आँसू
आँखों की मुस्कान, हरी फ़रियादें
मैं इक फेरी वाला
बेचूँ यादें!
यादों के रंगीन ग़ुबारे
नीले-पीले, लाल-गुलाबी
रंग-बिरंगे धागों के...
ख़ुदाओं से कह दो
जिस दिन मुझे मौत आए
उस दिन बारिश की वो झड़ी लगे
जिसे थमना न आता हो,
लोग बारिश और आँसुओं में
तमीज़ न कर सकें
जिस दिन मुझे...
उट्ठो, मरने का हक़ इस्तेमाल करो
जीने का हक़ सामराज ने छीन लिया
उट्ठो, मरने का हक़ इस्तेमाल करो!
ज़िल्लत के जीने से मरना बेहतर है
मिट जाओ या क़स्र-ए-सितम पामाल करो!
सामराज के...
एक उदास शाम के नाम
अजीब लोग हैं
हम अहल-ए-एतिबार कितने बदनसीब लोग हैं
जो रात जागने की थी, वो सारी रात
ख़्वाब देख-देखकर गुज़ारते रहे
जो नाम भूलने का था, उस एक...
















