किताब अंश: ‘जया गंगा’ – विजय सिंह
प्रख्यात लेखक, फ़िल्मकार और पटकथा लेखक विजय सिंह का बहुप्रशंसित उपन्यास 'जया गंगा' राजकमल प्रकाशन से हिन्दी में प्रकाशित हुआ है। अंग्रेज़ी और फ़्रेंच...
किताब अंश: ‘साधारण लोग, असाधारण शिक्षक’ – एस. गिरिधर
सरकारी स्कूल असल मायने में 'पब्लिक स्कूल' हैं। ये हर व्यक्ति के और हर जगह काम आते हैं—इसमें सबसे पिछड़े इलाक़ों के सबसे ज़्यादा...
पिटाई विमर्श में शान्तिदूत : ‘स्वाँग’ से किताब अंश
'स्वाँग' ज्ञान चतुर्वेदी का नया उपन्यास है, एक गाँव के बहाने समूचे भारतीय समाज के विडम्बनापूर्ण बदलाव की कथा इस उपन्यास में दिलचस्प ढंग...
किताब अंश: ‘नारीवादी निगाह से’ – निवेदिता मेनन
निवेदिता मेनन की किताब 'नारीवादी निगाह से' में नारीवादी सिद्धातों की जटिल अवधारणाएँ और व्यावहारिक प्रयोग स्पष्ट और सहज भाषा में प्रस्तुत किए गए...
किताब अंश: ‘ख़ानज़ादा’ – भगवानदास मोरवाल
'हलाला', 'बाबल तेरा देस में', 'रेत', 'नरक मसीहा', 'सुर बंजारन', 'वंचना', 'शकुंतिका', 'काला पहाड़' के लिए चर्चित कथाकार भगवानदास मोरवाल ने हिन्दी साहित्य में...
सम्पादक ‘महावीर प्रसाद द्विवेदी’ की एक झलक
किताब अंश: 'महावीर प्रसाद द्विवेदी और उनका युग'
लेखक: डॉ. उदयभानु सिंह
उस विषम काल में जब न तो साहित्य सम्मेलन की योजनाएँ थीं, न विश्वविद्यालयों...
किताब अंश: ‘आपका बंटी’ – मन्नू भण्डारी
'आपका बंटी' मन्नू भण्डारी की अत्यन्त चर्चित और हिन्दी उपन्यासों के इतिहास में मील का पत्थर मानी जानेवाली कृति है। टूटते परिवारों के बीच...
किताब अंश: ‘पाकिस्तान मेल’ – खुशवंत सिंह
'पाकिस्तान मेल' भारत-विभाजन की त्रासदी पर केंद्रित सुप्रसिद्ध अंग्रेज़ी उपन्यासकार खुशवंत सिंह का अत्यंत मूल्यवान उपन्यास है। सन् 1956 में अमेरिका के ‘ग्रोव प्रेस...
किताब अंश: ‘टोपी शुक्ला’ – राही मासूम रज़ा
किताब: 'टोपी शुक्ला'
लेखक: राही मासूम रज़ा
प्रकाशक: राजकमल प्रकाशन
संसार के तमाम छोटे-बड़े लोगों की तरह टोपी भी बेनाम पैदा हुआ था। नाम की ज़रूरत तो...
किताब अंश: ‘बिसात पर जुगनू’ – वंदना राग
लेखिका वन्दना राग का उपन्यास ‘बिसात पर जुगनू’ सदियों और सरहदों के आर-पार की कहानी है। हिंदुस्तान की पहली जंगे-आज़ादी के लगभग डेढ़ दशक...
किताब अंश: ‘कौन हैं भारत माता?’ – पुरुषोत्तम अग्रवाल
राष्ट्र और राष्ट्रवाद को लेकर देश में लगातार चल रही बहसों के बीच राजकमल प्रकाशन ने 'कौन हैं भारत माता' पुस्तक प्रकाशित की है।...
किताब अंश: ‘सुहाग के नुपूर’ – अमृतलाल नागर
हिन्दी के मशहूर साहित्यकार अमृतलाल नागर का जन्म 17 अगस्त 1916 को हुआ था। उन्होंने नाटक, रेडियोनाटक, रिपोर्ताज, निबन्ध, संस्मरण, अनुवाद, बाल साहित्य आदि...

















