शशांक कृत ‘सुदिन’
विवरण:
शशांक ने आँखों से कहानी कही हैं, जो कहने की असम्भव कला है। उसमें सारी दृष्टि है। असगर वज़ाहत ने एक चीज़ कही है-नफ़ासत।...
दीप्ति मिश्र कृत ‘यहाँ वहाँ कहाँ’
विवरण:
दीप्ति जी की शाइरी में जिस औरत के दर्शन होते हैं वो उस औरत से मुख़्तलिफ़ है जिसको सदियों से समाज में दिखाया जा...
विजय शर्मा कृत ‘सिनेमा और साहित्य: नाज़ी यातना शिविरों की त्रासद...
विवरण: नाज़ी जर्मनी पर आधारित सिनेमा पर एक शोधपरक रचना ‘सिनेमा और साहित्य: नाज़ी यातना शिविरों की त्रासद गाथा!’
“एक फ़िल्म का संवाद है, फ़िल्म केवल मनोरंजन,...
सुधीश पचौरी कृत ‘तीसरी परम्परा की खोज’
विवरण: नयी उत्तर-आधुनिक स्थितियाँ और नये नजरिए, नये इतिहास की माँग करती हैं।
‘तीसरी परम्परा की खोज’ इसी माँग का परिणाम है। यह खोज हिन्दी साहित्य...
यतीन्द्र मिश्र कृत ‘अख़्तरी: सोज़ और साज़ का अफ़साना’
विवरण: उन्होंने अपनी ठुमरियों और दादरों में पूरबी लास्य का जो पुट लगाया, उसने दिल टूटने को भी दिलकश बना दिया। - सलीम किदवई
उनके माथे...
अरुण कमल कृत ‘योगफल’
'योगफल' कविता संग्रह - अरुण कमल
"जब तुम हार जाओ
जब वापिस लौटो
वापिस उनही जर्जर पोथियों पत्रों के पास
सुसुम धूप में फिर से ढूंढो वही शब्द लुप्त
फिर से...
एस. आर. हरनोट कृत ‘कीलें’
एस. आर. हरनोट का नया कहानी संग्रह 'कीलें' इक्कीसवीं सदी के उजास और अँधेरों की कहानियों का अनूठा संग्रह है। इन कहानियों में पहाड़ केवल...
अनघ शर्मा कृत ‘धूप की मुँडेर’
विवरण: एक बदले ज़माने और बदले परिवेश में कुछ ऐसा भी होता है जो उसे पूरी तरह अजनबी नहीं होने देता, बल्कि पूर्व से वर्तमान...
मु. शाहिद कमाल अंसारी कृत ‘हम ख़याल’
"उसका शहर भी मेरे शहर के करीब था,
जब रास्ता पूछा तो फिर पहचान हो गयी।"
विवरण (लेखक की ओर से): 'हम ख़याल' कुछ ऐसे शेर...
नीलोत्पल मृणाल कृत ‘औघड़’
विवरण: ‘औघड़’ भारतीय ग्रामीण जीवन और परिवेश की जटिलता पर लिखा गया उपन्यास है जिसमें अपने समय के भारतीय ग्रामीण-कस्बाई समाज और राजनीति की गहरी...
संजीव कृत ‘प्रत्यंचा : छत्रपति शाहूजी महाराज की जीवनगाथा’
विवरण: राजनीतिक गुलामी से भी त्रासद होती है सामाजिक गुलामी। कुछ इसे मानते हैं, कुछ नहीं। जो मानते हैं उनमें भी इसका उच्छेद करने की...
प्रेमचंद: एक पुनर्मूल्यांकन
विवरण: प्रेमचन्द आज भी साहित्य में महत्त्वपूर्ण हैं और नयी पीढ़ियाँ भी उनके पठन-पाठन तथा अध्ययन-अनुसन्धान में रुचि लेती हैं। जब भी साहित्य-संसार तथा...

















