नारीत्व का अभिशाप
'शृंखला की कड़ियाँ' से
चाहे हिन्दू नारी की गौरव-गाथा से आकाश गूँज रहा हो, चाहे उसके पतन से पाताल काँप उठा हो परन्तु उसके लिए...
अख़बारों की आज़ादी
बंगाल की प्रांतीय कांग्रेस कमेटी की कार्य-समिति के 'युगान्तर' पत्र के बहिष्कार का प्रस्ताव पास करने तथा बंगाल सरकार द्वारा कई पत्रों से जमानत...
दिमाग़ी ग़ुलामी
जिस जाति की सभ्यता जितनी पुरानी होती है, उसकी मानसिक दासता के बंधन भी उतने ही अधिक होते हैं। भारत की सभ्यता पुरानी है,...
सड़कों पर निकली किताबों की एक नदी
लेख: मुदित श्रीवास्तव
कनाडा में एक शहर है, टोरंटो। यहाँ हर साल एक उत्सव मनाया जाता है, जिसे ‘नुइट ब्लांशे’ कहा जाता है। इसका मतलब...
महिलाओं के अधिकार
'ई. वी. रामासामी पेरियार : दर्शन-चिंतन और सच्ची रामायण' से
पुरुष स्त्री को अपनी सम्पत्ति मानता है और यह नहीं मानता कि उसके ही समान...
साहित्य में बुद्धिवाद
साहित्य-सम्मेलन की साहित्य-परिषद् में श्री लक्ष्मीनारायण मिश्र ने इस विषय पर एक सारगर्भित भाषण दिया, जिसमें विचार करने की बहुत-कुछ सामग्री है। उसमें अधिकांश...
राष्ट्रवाद का सच्चा स्वरूप
'मेरे सपनों का भारत' से
मेरे लिए देशप्रेम और मानव-प्रेम में कोई भेद नहीं है; दोनों एक ही हैं। मैं देशप्रेमी हूँ, क्योंकि मैं मानव-प्रेमी...
स्मृतियाँ
घुमक्कड़ असंग और निर्लेप रहता है, यद्यपि मानव के प्रति उसके हृदय में अपार स्नेह है। यही अपार स्नेह उसके हृदय में अनंत प्रकार...
पति-पत्नी नहीं, बनें एक-दूसरे के साथी
'ई. वी. रामासामी पेरियार : दर्शन-चिंतन और सच्ची रामायण' से
विवाहित दम्पतियों को एक-दूसरे के साथ मैत्री-भाव से व्यवहार करना चाहिए। किसी भी मामले में...
जनता का साहित्य किसे कहते हैं?
ज़िन्दगी के दौरान जो तजुर्बे हासिल होते हैं, उनसे नसीहतें लेने का सबक़ तो हमारे यहाँ सैकड़ों बार पढ़ाया गया है। होशियार और बेवक़ूफ़...
सुन्दरता और त्वचा का रंग
"सौंदर्यशास्त्र राजनीति से प्रभावित होता है; शक्ति सुंदर दिखाई देती है विशेषकर गैरबराबर शक्ति।"














