किताब अंश: ‘मित्रो मरजानी’ – कृष्णा सोबती
'मित्रो मरजानी' हिन्दी का एक ऐसा उपन्यास है जो अपने अनूठे कथा-शिल्प के कारण चर्चा में आया। इस उपन्यास को जीवन्त बनाने में 'मित्रो'...
किताब अंश: ‘मुर्दहिया’ – डॉ॰ तुलसीराम
मुर्दहिया डॉ॰ तुलसीराम की आत्मकथा है। 'मुर्दहिया' अनूठी साहित्यिक कृति होने के साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के दलितों की जीवन स्थितियों तथा इस क्षेत्र...
साँप जो अपनी पूँछ खा गया [किताब अंश: ‘ठाकरे भाऊ’]
धवल कुलकर्णी की किताब 'ठाकरे भाऊ : उद्धव, राज और उनकी सेनाओं की छाया', राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित हुई है।
महाराष्ट्र के सियासी परिदृश्य पर...
किताब अंश: ‘अपने ख़ुद के शब्दों में… लता मंगेशकर’
लता मंगेशकर, दुनिया के किसी भी गायक से ज़्यादा गाने वाली गायिका के रूप में प्रसिद्धि के शीर्ष पर, विराजमान होने के बावजूद, एक...
किताब अंश: ‘उसने गांधी को क्यों मारा’
किताब अंश: 'उसने गाँधी को क्यों मारा' - अशोक कुमार पांडेय
यह किताब जहाँ एक तरफ़ गांधी पर अफ़्रीका में हुए पहले हमले से लेकर...
किताब अंश: अविनाश कल्ला की किताब ‘अमेरिका 2020’
लेखक अविनाश कल्ला की किताब 'अमेरिका 2020 - एक बँटा हुआ देश' दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र होने की दावेदारी करने वाले देश—अमेरिका—के राष्ट्रपति चुनाव...
वह आवाज़ जिसने करोड़ों लोगों को मंत्रमुग्ध किया
किताब अंश: 'मोहम्मद रफ़ी - स्वयं ईश्वर की आवाज़'
उस आवाज़ की तारीफ़ को चंद शब्दों में समेट पाना ज़रा मुश्किल है, जिसकी शख़्सियत का...
दीवार में एक खिड़की रहती थी
किताब अंश: 'दीवार में एक खिड़की रहती थी' - विनोद कुमार शुक्ल
विभागाध्यक्ष से रघुवर प्रसाद ने बात की, "महाविद्यालय आने में कठिनाई होती है...
‘अंतिमा’ – मानव कौल
'अंतिमा' पर पोषम पा का पॉडकास्ट 'अक्कड़ बक्कड़' यहाँ सुनें:
https://youtu.be/mMZ0sX8DLvY
मानव कौल के पहले उपन्यास 'अंतिमा' से
बाहर खुला नीला आकाश था
और भीतर एक पिंजरा लटका...
कला कैनवास पर विवादित स्ट्रोक — हुसेन
'एम. एफ़. हुसेन - कला का कर्मयोगी' से
एम. एफ़. हुसेन अकेले ऐसे भारतीय चित्रकार हैं जिनके बारे में सबसे अधिक लिखा और बोला गया...
बूढ़े परिन्दे मरने के लिए कहाँ जाते हैं?
'अपार ख़ुशी का घराना' से | Book Excerpt from 'The Ministry of Utmost Happiness' in Hindi
क़ब्रिस्तान में वह एक पेड़ की तरह रहती थी।...
प्रेम की कोई जगह
रवीश कुमार की किताब 'बोलना ही है' से
हर कोई इश्क़ में नहीं होता है और न हर किसी में इश्क़ करने का साहस होता...








![साँप जो अपनी पूँछ खा गया [किताब अंश: ‘ठाकरे भाऊ’] Thackrey Bhau - Dhawal Kulkarni](https://poshampa.org/wp-content/uploads/2021/02/Thackrey-Bhau-Dhawal-Kulkarni-300x194.png)








