आदमी की तलाश

अभी मरा नहीं, ज़िन्दा है आदमी शायद यहीं कहीं उसे ढूँढो, यहीं कहीं होगा बदन की अंधी गुफा में छुपा हुआ होगा बढ़ा के हाथ हर इक रौशनी...

प्रेमचंद का जैनेन्द्र को पत्र – 1, सितम्बर, 1933

जागरण कार्यालय, 1 सितम्बर, 1933 प्रिय जैनेन्द्र, तुम्हारा पत्र मिला। हाँ भाई, तुम्हारी कहानी बहुत देर में पहुँची। अब सितम्बर में तुम्हारी और 'अज्ञेय' जी की,...

हमारे शासक

हमारे शासक ग़रीबी के बारे में चुप रहते हैं शोषण के बारे में कुछ नहीं बोलते अन्याय को देखते ही वे मुँह फेर लेते हैं हमारे शासक...

सम्पादक ‘महावीर प्रसाद द्विवेदी’ की एक झलक

किताब अंश: 'महावीर प्रसाद द्विवेदी और उनका युग' लेखक: डॉ. उदयभानु सिंह उस विषम काल में जब न तो साहित्य सम्मेलन की योजनाएँ थीं, न विश्वविद्यालयों...

मृत्यु, नहीं आते सपने इन दिनों, लौटना

मृत्यु नहीं आना चाहिए उसे जिस तरह वह आयी है उस तरह जीवन की अनुपस्थिति में निश्चित है आना उसका, पर इस अनिश्चित ढलते समय में वह आयी है आतातायी...

बिखरा-बिखरा, टूटा-टूटा : कुछ टुकड़े डायरी के (दो)

सम्वाद महज़ शब्दों से तो नहीं होता। जब शब्द चूक जाते हैं, तब स्पर्श की अर्थवत्ता समझ आती है। ग़ालिब कहते हैं— "मौत का...

आगे जीवन दौड़ रहा है

ज़रा ध्यान से नीचे कोई सो रहा है एक पूरा आदमी हमारी ही तरह चलता था इसी धरती पर पूरा का पूरा नीचे। गीत गाता वह इमारतें बनायीं बस चलायी दावतें दीं दूल्हा बना कुर्सी छीनी नहीं...

कैसे-कैसे लोग

यह कैसी अनहोनी मालिक, यह कैसा संयोग कैसी-कैसी कुर्सी पर हैं कैसे-कैसे लोग! जिनको आगे होना था वे पीछे छूट गए जितने पानीदार थे शीशे तड़ से टूट गए प्रेमचंद...

बस्ती में कुछ लोग निराले अब भी हैं

बस्ती में कुछ लोग निराले अब भी हैं देखो ख़ाली दामन वाले अब भी हैं देखो वो भी हैं जो सब कह सकते थे देखो उनके मुँह...

औरतें यहाँ नहीं दिखतीं

औरतें यहाँ नहीं दिखतीं वे आटे में पिस गई होंगी या चटनी में पुदीने की तरह महक रही होंगी वे तेल की तरह खौल रही होंगी, उनमें घर...

उसकी आँखें खुली रहनी चाहिए थीं

(कोरोना से गुज़र गई एक अपरिचित की फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल से गुज़रते हुए) 8 मई, 2021 सत्ता है मछली की आँख और दोनों कर्ता-धर्ता अर्जुन और 'ठाकुर' बने थे चूक...

छुट्टी का दिन

पड़ोस के फ़्लैट में छोटे बच्चे के चीख़-चीख़कर रोने से माया की नींद टूट गई। उसने अलसाई पलकें खोलकर घड़ी देखी, पौने छह बजे...
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