एक दिन करेंगे बात केवल प्यार की
एक दिन करेंगे बात केवल प्यार की!
तुम कहोगे—रुको
तो मैं नहीं दिलाऊँगी याद
कि आठ बज गये हैं
चाँद चढ़ गया है
लौट जाओ घर तुम
कि तुम्हारे होने...
आख़िर कहें तो किससे कहें
वे कौन लोग थे सिद्धो-कान्हू
जो अँधेरे में सियार की तरह आए
और उठा ले गए तुम्हारे हाथों से तीर-धनुष
तुम्हारी मूर्ति तोड़ी वे कौन लोग थे,
तुम...
ली मिन-युंग की कविताएँ
वरिष्ठ ताइवानी कवि ली मिन-युंग की कविताओं के हिन्दी अनुवाद का संकलन 'हक़ीक़त के बीच दरार' पिछले दिनों प्रकाशित हुआ। अनुवाद देवेश पथ सारिया...
दुन्या मिखाइल की कविता ‘दी इराक़ी नाइट्स’ के दो अंश
इराक़ी-अमेरिकी कवयित्री दुन्या मिखाइल का जन्म बग़दाद में हुआ था और उन्होंने बग़दाद विश्वविधालय से बी.ए. की डिग्री प्राप्त की। सद्दाम हुसैन के शत्रुओं...
दुन्या मिखाइल की कविता ‘मैं जल्दी में थी’
इराक़ी-अमेरिकी कवयित्री दुन्या मिखाइल का जन्म बग़दाद में हुआ था और उन्होंने बग़दाद विश्वविधालय से बी.ए. की डिग्री प्राप्त की। सद्दाम हुसैन के शत्रुओं...
मलय के नाम मुक्तिबोध का पत्र
राजनाँद गाँव
30 अक्टूबर
प्रिय मलयजी
आपका पत्र यथासमय मिल गया था। पत्रों द्वारा आपके काव्य का विवेचन करना सम्भव होते हुए भी मेरे लिए स्वाभाविक नहीं...
वे लोकतंत्र को कम जानते थे
वे बहुत पढ़ी-लिखी नहीं थीं
ताइवान में काम मिलने की ख़बर उन्हें सुना
उनके पैर छू रहा था जब मैं
मुझे आशीर्वाद देते हुए उन्होंने कहा—
"बेटा सम्भलकर...
द्वारका भारती की कविताएँ
द्वारका भारती पंजाबी भाषा के सुपरिचित कवि, लेखक व उपन्यासकार हैं और पिछले कई सालों से पंजाबी दलित साहित्य आन्दोलन का नेतृत्व कर रहे...
छिपाने को छिपा जाता
कल रात मेरे कॉलेज के छात्रों ने मुझे पीट दिया। यों मेरी पिटाई तो ज़्यादा नहीं हुई, लेकिन ज़्यादा हो जाती, शौहरत तब भी...
साँझ होती है ठीक उसी की तरह सुन्दर
अँधेरे को कुचलते हुए
उदय होता है सूर्य,
अँधेरा होता है अस्त
सूरज को कोसते हुए
दोपहर हमारी खिड़कियों से
हमारे भीतर दाख़िल होने की कोशिश में रहती है
धूप...
संध्या चौरसिया की कविताएँ
किसी आश्वस्त बर्बर की तरह
अपनी अनायास प्रवृत्तियों में
मैं देश का मध्यम हिस्सा हूँ
जो पाश की कविता में बनिया बनकर आता है
जिसे जीना और प्यार...

















