किताब अंश: ‘नारीवादी निगाह से’ – निवेदिता मेनन
निवेदिता मेनन की किताब 'नारीवादी निगाह से' में नारीवादी सिद्धातों की जटिल अवधारणाएँ और व्यावहारिक प्रयोग स्पष्ट और सहज भाषा में प्रस्तुत किए गए...
आवेदन पत्र
भाषा के शिक्षक ने
पारम्परिक कौशल के साथ
कार्य-कारण सम्बन्धों को साधना सिखाया
कुछ शब्द
जो हर फ़्रेम में फ़िट बैठते
उन्हें रटने की बात कही
इस विश्वास के साथ...
अपने उद्देश्य के लिए
एशट्रे में इकट्ठे हुए सिगरेट के ठूँठों को
चुपचाप गिनने की कोशिश में
वह समय के गुच्छों में उलझी अनेक आकृतियाँ देख रहा है
आँखों में कोई...
मिट्टी का दर्शन
आत्मा अमर और मिट्टी नश्वर
यह बिना देखे का दर्शन बिल्कुल झूठा है!
आत्मा की अमरता कब, किसने देखी!
मिट्टी को, किन्तु, सदैव हमने देखा।
मिट्टी में मानवता...
खलील जिब्रान – ‘नास्तिक’
खलील जिब्रान की किताब 'नास्तिक' से उद्धरण | Quotes from 'Nastik', a book by Kahlil Gibran
चयन: पुनीत कुसुम
"मेरा कोई शत्रु नहीं है, पर भगवान,...
पलाश के फूल
नये मकान के सामने पक्की चहारदीवारी खड़ी करके जो अहाता बनाया गया है, उसमें दोनों ओर पलाश के पेड़ों पर लाल-लाल फूल छा गए...
सभी सुख दूर से गुज़रें
सभी सुख दूर से गुज़रें
गुज़रते ही चले जाएँ
मगर पीड़ा उमर भर साथ चलने को उतारू है!
हमको सुखों की आँख से तो बाँचना आता नहीं
हमको...
पाँव कटे बिम्ब
घिसटते हैं मूल्य
बैसाखियों के सहारे
पुराने का टूटना
नये का बनना
दीखता है—सिर्फ़ डाक-टिकटों पर
लोकतंत्र की परिभाषा
क्या मोहताज होती है
लोक-जीवन के उजास हर्फ़ों की?
तो फिर क्यों दीखते...
संजय छीपा की कविताएँ
1
कुरेदता हूँ
स्मृतियों की राख
कि लौट सकूँ कविता की तरफ़
एक नितान्त ख़ालीपन में
उलटता-पलटता हूँ शब्दों को
एक सही क्रम में जमाने की
करता हूँ कोशिश
ज़िन्दगी की बेतरतीबी...
टोनी मोंगे की कविता ‘डेविड’ (माइकलेंजेलो की प्रसिद्ध कलाकृति ‘डेविड’ को...
टोनी मोंगे अमेरिकी नागरिक हैं जो ताइवान में अंग्रेज़ी अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं। टोनी का जन्म बॉस्टन में हुआ था और वे...
‘अब्बास : व्यक्तित्व और कला’ — ख़्वाजा अहमद अब्बास से कृश्न...
ख़्वाजा अहमद अब्बास से कृश्न चन्दर की बातचीत
'मुझे कुछ कहना है' से साभार
कृश्न—अपनी जन्म-तिथि याद है? मेरा मतलब साहित्यिक जन्म-तिथि से है।
अब्बास—यों तो मैं...

















