मेरा अपनापन
मैंने
अपनी उपस्थिति का अर्थ
इन दरख़्तों के बीच
कितनी देर में जाना
जो कटकर भी लकड़ी नहीं बनते
और जमे रहकर भी वृक्ष नहीं।
कितनी देर में आयी वह...
‘मछलियाँ गायेंगी एक दिन पंडुमगीत’ से कविताएँ
प्रस्तुत हैं वाणी प्रकाशन से प्रकाशित पूनम वासम के नये कविता संग्रह 'मछलियाँ गायेंगी एक दिन पंडुमगीत' से कुछ कविताएँ—
गमपुर के लोग
गमपुर को कोई...
यंग शन शुन की कविताएँ
यंग शन शुन इक्कीस साल की हैं, पर उनकी कविताएँ उनकी उम्र से कहीं अधिक गूढ़ हैं। यहाँ तत्सम शब्दों से चौंका देना मात्र...
नेओमी शिहैब नाय की कविता ‘हथेली की मुट्ठी’
नेओमी शिहैब नाय (Naomi Shihab Nye) का जन्म सेंट लुइस, मिसौरी में हुआ था। उनके पिता एक फ़िलिस्तीनी शरणार्थी थे और उनकी माँ जर्मन...
‘ठिठुरते लैम्प पोस्ट’ से कविताएँ
अदनान कफ़ील 'दरवेश' का जन्म ग्राम गड़वार, ज़िला बलिया, उत्तर प्रदेश में हुआ। दिल्ली विश्वविद्यालय से कम्प्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने...
कहाँ हैं तुम्हारी वे फ़ाइलें
मैं जानता था—तुम फिर यही कहोगे
यही कहोगे कि राजस्थान और बिहार में सूखा पड़ा है
ब्रह्मपुत्र में बाढ़ आयी है, उड़ीसा तूफ़ान की चपेट में...
दुन्या मिखाइल की कविता ‘चित्रकार बच्चा’
इराक़ी-अमेरिकी कवयित्री दुन्या मिखाइल (Dunya Mikhail) का जन्म बग़दाद में हुआ था और उन्होंने बग़दाद विश्वविधालय से बी.ए. की डिग्री प्राप्त की। सद्दाम हुसैन...
टी. एस. ईलियट के प्रति
पढ़ रहा था कल तुम्हारे काव्य को
और मेरे बिस्तरे के पास
नीरव टिमटिमाते दीप के
नीचे अँधेरे में घिरे
भोले अँधेरे में घिरे सारे सुझाव, गहनतम संकेत!
जाने...
जेफ़री मैकडैनियल की कविता ‘चुपचाप संसार’
जेफ़री मैकडैनियल (Jeffrey McDaniel) के पाँच कविता संग्रह आ चुके हैं, जिनमें से सबसे ताज़ा है 'चैपल ऑफ़ इनडवर्टेंट जॉय' (यूनिवर्सिटी ऑफ़ पिट्सबर्ग प्रेस,...
‘अन्तस की खुरचन’ से कविताएँ
यतीश कुमार की कविताओं को मैंने पढ़ा। अच्छी रचना से मुझे सार्वजनिकता मिलती है। मैं कुछ और सार्वजनिक हुआ, कुछ और बाहर हुआ, कुछ...
उसके शब्दकोश से मैं ग़ायब हूँ
मेरी भाषा मेरी माँ की तरह ही
मुझसे अनजान है
वह मेरा नाम नहीं जानती
उसके शब्दकोश से मैं ग़ायब हूँ
मेरे नाम के अभाव से,
परेशान
वह बिलकुल माँ...

















