लाखन सिंह की कविताएँ
1
जीना किसी सड़ी लाश को खाने जैसा
हो गया है,
हर एक साँस के साथ
निगलता हूँ उलझी हुई अंतड़ियाँ,
इंद्रियों से चिपटा हुआ अपराधबोध
घिसटता है
माँस के लोथड़े...
शिवम तोमर की कविताएँ
रोटी की गुणवत्ता
जिस गाय को अम्मा
खिलाती रहीं रोटियाँ
और उसका माथा छूकर
माँगती रहीं स्वर्ग में जगह
अब घर के सामने आकर
रम्भियाती रहती है
अम्मा ने तो खटिया...
युद्ध-विराम
नहीं, अभी कुछ नहीं बदला है।
अब भी
ये रौंदे हुए खेत
हमारी अवरुद्ध जिजिविषा के
सहमे हुए साक्षी हैं;
अब भी
ये दलदल में फँसी हुई मौत की मशीनें
उनके...
जब तुम समझने लगो ज़िन्दगी
वो जहाँ पर मेरी नज़र ठहरी हुई है
वहाँ ग़ौर से देखो तुम
तुम भी वहाँ हो मेरे साथ
मेरे दाएँ हाथ की उँगलियों में
उलझी हुई हैं...
जिम जारमुश् की फिल्म ‘पैटर्सन’ में रॉन पैजेट की कविताएँ
रंग भरने की कला आती हो तो रंगों में कविता कैसे उभरती है, इसका जीता-जागता उदाहरण है जिम जारमुश् की फ़िल्म 'पैटर्सन', जिसका नायक...
गोलेन्द्र पटेल की कविताएँँ
ऊख
1
प्रजा को
प्रजातंत्र की मशीन में पेरने से
रस नहीं, रक्त निकलता है साहब
रस तो
हड्डियों को तोड़ने
नसों को निचोड़ने से
प्राप्त होता है!
2
बार-बार, कई बार
बंजर को जोतने-कोड़ने...
कमल सिंह सुल्ताना की कविताएँ
1
होंठ काटते हुए
मुझे ऐसा लगता है
जैसे मैं इस दुनियाई नक़्शे से
किसी देश का होना
लगभग काट-सा रहा हूँ
अचानक प्रेम की फुहार
मुझे भिगा देती है
मैं दुनिया...
रहना तुम चाहे जहाँ ख़बरों में आते रहना
रहना तुम चाहे जहाँ, ख़बरों में आते रहना
हम को एहसास-ए-जुदाई से बचाते रहना
ख़ुद-गज़ीदा हूँ, बड़ा ज़हर है मेरे अंदर
इसका तिरयाक़ है रातों को जगाते...
यहाँ थी वह नदी
जल्दी से वह पहुँचना चाहती थी
उस जगह जहाँ एक आदमी
उसके पानी में नहाने जा रहा था
एक नाव
लोगों का इंतज़ार कर रही थी
और पक्षियों की...
किताब अंश: ‘आपका बंटी’ – मन्नू भण्डारी
'आपका बंटी' मन्नू भण्डारी की अत्यन्त चर्चित और हिन्दी उपन्यासों के इतिहास में मील का पत्थर मानी जानेवाली कृति है। टूटते परिवारों के बीच...
जंगल की कविता
मैंने तो पहले ही कहा था
जंगल में नहीं जाना
जंगल तुम झेल नहीं पाओगे
तुम नामवालों की दुनिया में उपजे हो
जंगल में सब कुछ निर्नाम है
पत्र...
पालतू बोहेमियन: कथेतर गद्य की रोचक पुस्तक
किताब: 'पालतू बोहेमियन'
लेखक: प्रभात रंजन
प्रकाशक: राजकमल प्रकाशन
टिप्पणी: देवेश पथ सारिया
पिछले कुछ समय में कथेतर गद्य की किताबों ने पाठकों को प्रभावित किया है। प्रकाशकों...

















