रूप कथाओं के चमकते नायक
प्रेम जताने से अधिक
प्रेम निभाना ज़रूरी होता है
इतनी साधारण बात है
पर वे
कभी तुम्हारी मूँछों पर तो कभी चाल पर
तो कभी तुम्हारे रुआब पर मर...
शिवम तोमर की कविताएँ: मार्च 2022
कुछ संगीतों के लिए वर्तमान वैक्यूम होता है
एक तरह का संगीत था
मैंने सुना था फ़िल्मों में
ख़ास क्षणों में बजता था
जब भी बजता
सब धीमा-सा हो...
सारुल बागला की कविताएँ
1
कितनी कहानियाँ शुरू होती हैं
शहर का कोई भी दोराहा
इतना सुनसान कभी नहीं होता
कि वो किसी के ख़यालों में भी न आए
सब अपने-अपने शहरों के...
त्रस्त एकान्त
स्थानान्तरण से त्रस्त एकान्त
खोजता है निश्चित ठौर
भीतर का कुछ
निकल भागना चाहता
नियत भार उठाने वाले कंधों
और निश्चित दूरी नापने वाले
लम्बे क़दमों को छोड़
दिन के हर...
सिलवटों से भरा ख़त
पूरी रात बिस्तर पर ख़ामोशी थी, बाहर की तरफ़ से एक नीली रोशनी धीरे-धीरे अपना अक्स बड़ा करती जा रही थी और मैं सोच...
प्रेम की ड्योढ़ी का सन्तरी
'माया ने घुमायो' उन कहानियों की आधुनिक प्रस्तुति है जो हमें वाचिक परम्परा से मिली हैं। ये कहानियाँ अपनी कल्पनाओं, अतिरंजनाओं और अपने पात्रों...
छत और लड़कियाँ
छत पर खड़ी लड़की
देख रही है अनगिनत घर
जो उसके घर से रंग-ढंग में भिन्न होकर भी
बिलकुल एक-से हैं।
उन सारे घरों में
उसकी ही तरह
कई लड़कियाँ...
कविताएँ: फ़रवरी 2022
अच्छी दुनिया
रहे हैं अच्छी दुनिया के मायने हमेशा से—
खिले फूल और तितलियाँ,
उड़ती चिड़ियाँ और हरे पेड़।
हँसते-खिलखिलाते बच्चे और उनके खेल,
प्रेम में डूबे हृदय और...
तुम बस नींव की तरह गड़े रहना
भीड़ में
चारों ओर लोगों से घिरा
एक आदमी
अपनी एड़ी पर उचककर ढूँढ रहा है
कोई निर्जन स्थान
दूर एक जगह है
जो आदमियों से ख़ाली है
वहाँ हवा ज़्यादा...
अफ़ग़ान लेखक रहनवर्द ज़रयाब की कहानी ‘निबन्ध’
कहानी: निबन्ध
लेखक: रहनवर्द ज़रयाब (Rahnaward Zaryab)
दारी से अंग्रेज़ी अनुवाद: डॉ. एस. वली अहमदी
हिन्दी अनुवाद: श्रीविलास सिंह
(रहनवर्द ज़रयाब का जन्म 1944 को क़ाबुल के...

















